दिल्ली में ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति, पर मंजूरी के लिए सिर्फ 24 घंटे; कानूनी प्रक्रिया पर कारोबारियों में मायूसी
सुप्रीम कोर्ट की ओर से दीवाली पर दिल्ली में ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए तीन दिन की सशर्त अनुमति ...और पढ़ें

दिल्ली में ग्रीन पटाखों की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश। फोटो-जागरण आर्काइव
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने तीन दिन ग्रीन पटाखों की अनुमति दी।
व्यापारी कम समय में अनुमति प्रक्रिया से परेशान हैं।
अवैध पटाखों की बिक्री जारी, वैध विक्रेता निराश।
नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। पटाखा कारोबारी राजीव जैन कहते हैं कि सामने खाना रखा है, तेज भूख है। खाना खत्म करने की अवधि भी तय कर दी गई है, लेकिन कहा गया है कि जब तक अनुमति नहीं मिलेगी तब तक खाना नहीं है। रोशनी के पर्व दीपावली पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा सशर्त ग्रीन पटाखों की बिक्री की अस्थाई अनुमति का वह ऐसे निराशाजनक स्वागत करते हैं।
वह कहते हैं कि पटाखा बिक्री के लिए जरूरी कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए इतना कम वक्त दिया गया है कि अस्थाई विक्रेता मुश्किल से ही पटाखों की बिक्री कर पाएंगे। नियमित दुकानदार भी ठीक से दुकान लगा लें तो गनीमत है।
क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश?
सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए चार से छह नवंबर तीन दिन तय की है। छह नवंबर की मध्य रात्रि से प्रतिबंध लागू हो जाएगा। केवल तीन दिन बिक्री की अनुमति है।
प्रतिबंध के दायरे में छोटी और बड़ी दीपावली भी है। दुकानदारों के अनुसार, धनतेरस से पटाखों की बिक्री गति पकड़ती है और छोटी और बड़ी दीपावली को सर्वाधिक बिक्री होती है। ऐसे में यह प्रतिबंध बाजार उठने नहीं देगा।
अनुमति के लिए केवल एक दिन का समय
दिल्ली फायर वर्क्स ट्रेडर्स एसाेसिएशन के अध्यक्ष राजीव जैन कहते हैं कि अनुमति के लिए मात्र मंगलवार का एक दिन मिला है। उसमें भी स्थायी दुकानदारों के लिए पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) से लाइसेंस निलंबन को हटाने की अनुमति का इंतजार करना होगा।
जबकि, अस्थाई दुकानदारों को एमसीडी, अग्निशमन व पेसो की अनुमति के साथ दिल्ली पुलिस के लाइसेंस विभाग से मंजूरी लेनी होगी। यह इतने कम दिनों में संभव नहीं है।
वायु प्रदूषण के कारण पटाखा बिक्री निलंबित
दिल्ली में 125 से अधिक नियमित पटाखा दुकानदार है, जिन्हें वर्षभर पटाखा बिक्री की अनुमति है, लेकिन वर्ष 2016 से वायु प्रदूषण विवाद के चलते उनका लाइसेंस निलंबित ही रहता है। जबकि, एक वक्त में दिल्ली में 10 हजार के करीब अस्थाई पटाखा बिक्री के लाइसेंस जारी होते थे। लेकिन अब वह भी चुनिंदा है।
जब तक अनुमति नहीं तब तक बिक्री नहीं
पेसो द्वारा स्थाई दुकानदारों का अब निलंबित लाइसेंस बहाल करना है। दुकानदारों के अनुसार, जब तक लाइसेंस बहाल नहीं किया जाता। वह मेरठ, हापुड़, रोहतक, पानीपत, कुरुक्षेत्र व अंबाला जैसे शहरों में स्थित पटाखा गोदामों से पटाखे नहीं मंगा सकते हैं। उसमें भी समय लगेगा। ऐसे में कोई दुकानदार तीन में से एक-दो दिन भी दुकानें लगा ले तो गनीगत होगी।
सुप्रीम कोर्ट में गंभीर बहस, बाहर खुले आम बिक्री
लाइसेंस लेकर दिल्ली में पटाखा बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबी बहस हुई, जिसके बाद यह निर्णय निकला, लेकिन सदर बाजार, चांदनी चौक, भागीरथ पैलेस से लेकर दिल्ली के अन्य इलाकों में अनुमति पूर्व ही प्रतिबंधित व ग्रीन पटाखों की बिक्री जारी है।
जहां रेहड़ी-पटरी पर खुलेआम बिक्री जारी है। इससे नियमित दुकानदार निराशा जताते हुए कहते हैं कि उन्हे कोर्ट के आदेश और जरूरी मंजूरी आवश्यक है, लेकिन उनके लिए कोई नियम, प्रतिबंध नहीं।
दिल्ली वालों ने कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
दिल्ली वालों ने ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति का स्वागत किया है। चांदनी चौक नागरिक मंच के महामंत्री प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद हमने देखा है की लोग दीपावली की रात बहुत महंगे पटाखे भी खरीद कर जलाते हैं।
ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय ने विवेकपूर्ण निर्णय लेते हुए ग्रीन पटाखों की समयबद्ध अनुमति दी है जिससे दिल्ली के अधिकांश नागरिक प्रसन्न हैं। न्यायालय के इस उचित फैसले के बाद आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया ने यह साबित किया है कि आप एक हिन्दू मान्यताओं की विरोधी पार्टी है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।