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फेल होने पर न छोड़ें पढ़ाई... शिक्षा निदेशालय का आदेश, दिल्ली में स्कूली बच्चों के लिए नया नियम

Published: Fri, 12 Jun 2026 11:51 AM (IST)

दिल्ली सरकार ने नौवीं में बार-बार असफल होने वाले छात्रों को स्कूल छोड़ने से रोकने के लिए विशेष निर्देश जारी ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार ने नौवीं में बार-बार असफल होने वाले छात्रों को स्कूल छोड़ने से रोकने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। फाइल फोटो

दिल्ली सरकार ने नौवीं में बार-बार असफल होने वाले छात्रों को स्कूल छोड़ने से रोकने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। फाइल फोटो

HighLights

  1. नौवीं में असफल छात्रों की होगी विशेष काउंसलिंग।

  2. अभिभावकों के साथ मिलकर पढ़ाई जारी रखने पर जोर।

  3. एनआईओएस जैसे वैकल्पिक शिक्षा के अवसर प्रदान।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों को विशेष निर्देश जारी किए हैं।

शिक्षा निदेशालय ने नौवीं में एक से अधिक बार असफल या कंपार्टमेंट आने वाले छात्रों की पहचान कर उनकी और उनके अभिभावकों की काउंसलिंग करने को कहा है। इसका उद्देश्य ऐसे छात्रों को पढ़ाई से जुड़ा रखना और उन्हें शिक्षा व्यवस्था से बाहर होने से बचाना है।

नौवीं के कंपार्टमेंट परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद स्कूल प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे जोखिम वाले छात्रों और उनके परिवारों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करें। स्कूल प्रधानाचार्यों को छात्रों और अभिभावकों को बैठक के लिए आमंत्रित कर सहयोगात्मक और सकारात्मक माहौल में चर्चा करने को कहा गया है, ताकि छात्र अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित हों।

शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य काउंसलिंग होना चाहिए। स्कूलों को छात्रों को यह समझाने के लिए कहा गया है कि स्कूली शिक्षा पूरी करने से भविष्य में रोजगार और उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

विभाग का मानना है कि उचित मार्गदर्शन और प्रेरणा के अभाव में कई छात्र पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं। यदि कोई छात्र या उसका परिवार नियमित स्कूल प्रणाली में पढ़ाई जारी रखने के इच्छुक नहीं हैं, तो उन्हें वैकल्पिक शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जाएगी।

विशेष रूप से राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) के विकल्प पर जोर दिया गया है। एनआइओएस के माध्यम से छात्र सीधे 10वीं में प्रवेश ले सकते हैं, अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार विषय चुन सकते हैं व अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं, जिससे शैक्षणिक दबाव कम होता है।

शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि एनआइओएस से 10वीं उत्तीर्ण करने वाले छात्र अपने मूल सरकारी स्कूल में 11वीं में प्रवेश पाने के पात्र रहेंगे। विभाग का मानना है कि इस पहल से अधिक से अधिक छात्र शिक्षा प्रणाली से जुड़े रहेंगे और ड्रापआउट दर में कमी आएगी।

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