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दिल्ली में गैंगस्टरों के बीच वर्चस्व की लड़ाई जारी, गैंगवार में नहीं रुक रही हत्याएं

Published: Mon, 30 Mar 2026 08:42 PM (IST)

दिल्ली में गैंगस्टरों के बीच वर्चस्व की लड़ाई जारी है, जिससे गैंगवार में हत्याएं नहीं रुक रही हैं। गोगी और ...और पढ़ें

दिल्ली में गैंगस्टरों के बीच वर्चस्व की लड़ाई जारी है। इमेज एआई

दिल्ली में गैंगस्टरों के बीच वर्चस्व की लड़ाई जारी है। इमेज एआई

HighLights

  1. गोगी और टिल्लू की मौत के बाद भी गैंगवार जारी।

  2. हाल ही में रवि भारद्वाज की हत्या गैंगवार का नतीजा।

  3. दिल्ली में 25% हत्याएं गैंगवार से संबंधित हैं।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में वर्चस्व को लेकर गैंगस्टरों के बीच आए दिन गैंगवार में हत्या किए जाने का मामले थमने का नाम नहीं ले रहा है। गैंगवार में न केवल गैंगस्टरों से जुड़े बदमाश मारे जा रहे हैं बल्कि उनके परिवार के बेगुनाह सदस्यों व रिश्तेदारों की भी वे लोग हत्या करने से नहीं चूक रहे हैं। लाख कोशिश के बावजूद दिल्ली पुलिस, गैंगवार की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। आंकड़ों को देखें तो राजधानी में होने वाली हत्या की घटनाओं में लगभग 25 प्रतिशत हत्या गैंगवार में होती हैं।

दिल्ली के मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों में से एक जितेंद्र मान उर्फ गोगी को 24 की सितंबर, 2021 को रोहिणी कोर्ट में टिल्लू के शूटरों ने हत्या कर दी थी। उसके 20 महीने बाद गोगी के कट्टर दुश्मन सुनील बालियान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया की 2 मई, 2023 को तिहाड़ जेल के हाई-सिक्योरिटी वार्ड के अंदर बेरहमी से हत्या कर दी गई। गोगी और टिल्लू, दोनों ही दिल्ली और हरियाणा से सटे सीमावर्ती इलाकों में रंगदारी और ज़मीन पर कब्ज़ा करने वाले आपराधिक गिरोह चला रहे थे।

उनके बीच गैंगवार अलीपुर में उनके कालेज के दिनों में शुरू हुई। अब तक दोनों गिरोहों के 60 से अधिक लोगों की हत्या की हो चुकी है। दोनों की मौत से दिल्ली पुलिस को लगा कि अब दोनों के बीच गैंगवार का अंत हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 19 मार्च को, रवि भारद्वाज नाम के व्यक्ति की बवाना में उसके घर के अंदर टिल्लू के सदस्यों द्वारा गोली मारकर हत्या गैंगवार का ही नतीजा था।

इस हमले में, रवि के पिता और पड़ोस का एक आठ साल का लड़का भी गोलीबारी में घायल हो गया था। बाद में पुलिस ने एक नाबालिग समेत तीन को पकड़ लिया था। पूछताछ से पता चला वे तरुण नाम के एक व्यक्ति के निर्देशों पर काम कर रहे थे, जिसे गैंगस्टर नवीन बाली ने निर्देश दिया था। नवीन बाली, दीपक पक्कास्मा और हिम्मत चीकू से आदेश ले रहा था।

ये दोनों टिल्लू के करीबी हैं और दोनों विदेश से टिल्लू गिरोह चला रहे हैं। रवि भारद्वाज का दीपक तितर से संबंध था, जो तिहाड़ जेल के अंदर टिल्लू की हत्या करने में शामिल था। यानी दोनों गिरोह एक-दूसरे को निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं।

जिन लोगों ने टिल्लू की हत्या की, वे पहले से जेल में हैं लेकिन गोगी के कुछ सदस्य अभी भी बाहर हैं। गोगी के मारे जाने के बाद वे लारेंस बिश्नोई के साथ आ गए और तब से टिल्लू गिरोह को निशाना बना रहे हैं।
गोगी के मुख्य सदस्य योगेश टुंडा, दीपक तितर और दिनेश करालिया जेल से गिरोह चला रहे हैं। अलीपुर गांव के रहने वाले गोगी और ताजपुर के टिल्लू के बीच झगड़ा उनके कालेज के दिनों से शुरू हुआ था।

2014 में हुए छात्र संघ चुनावों के दौरान इन दोनों ने अलग-अलग गुटों का समर्थन किया था। इसके अलावा, टिल्लू का एक करीबी साथी दीपक, गोगी की चचेरी बहन का पीछा करता था। वह गोगी को चिढ़ाते हुए कहता था कि वह उसके परिवार का ''दामाद'' बनेगा। जिसके बाद 20 जनवरी, 2015 को दीपक की हत्या कर दी गई। 2016 में, गोगी पुलिस हिरासत से फरार हो गया।

उसने अपने खास साथियों कुलदीप उर्फ फज्जा और रोहित मोई के साथ मिलकर एक गैंग बनाया, जिसका मकसद अपने विरोधी टिल्लू को खत्म करना था। हालांकि गुड़गांव में इन तीनों की गिरफ्तार के बाद हालात बदल गए। टिल्लू ने भी कई बड़े गैंगस्टरों के साथ हाथ मिला लिया और अपने नेटवर्क को और भी मजबूत बना लिया।

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