दिल्लीवालों को 25 साल तक मिलेगी फ्री बिजली, 400 यूनिट वालों को मुफ्त सोलर पैनल से सरकार बचाएगी 138 करोड़
दिल्ली सरकार ने 2.30 लाख घरों पर मुफ्त सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे उपभोक्ताओं को 25 साल ...और पढ़ें

फ्री सोलर पैनल से सरकार बचाएगी 138 करोड़ रुपये। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
2.30 लाख घरों पर लगेंगे मुफ्त सोलर पैनल
उपभोक्ताओं को 25 वर्षों तक मिलेगी नि:शुल्क बिजली
सरकार को बिजली सब्सिडी खर्च में होगी बड़ी बचत
संतोष कुमार सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार का मुफ्त सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का निर्णय उपभोक्ताओं को लंबे समय तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के साथ सरकार पर बढ़ रहे बिजली सब्सिडी के बोझ को कम करने में भी मददगार हो सकता है। पिछले 10 वर्षों में बिजली सब्सिडी पर खर्च 1442.76 करोड़ रुपये से बढ़कर 4037.62 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
सरकार ने प्रति माह 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं के घरों की छत पर तीन किलोवाट का निश्शुल्क सोलर पैनल लगाने का निर्णय लिया है। योजना के तहत पांच वर्षों तक सोलर पैनल का रखरखाव भी निश्शुल्क होगा।
2.30 लाख घरों की छत पर लगेंगे सोलर पैनल
दिल्ली सरकार ने चालू वित्त वर्ष के अंत तक 2.30 लाख घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना पर लगभग 900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इसके साथ ही 10 किलोवाट तक के आवासीय सोलर सिस्टम के लिए आवेदन और पंजीकरण शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इससे दिल्ली में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
तीन किलोवाट का सोलर पैनल लगाने पर प्रति माह करीब 300 यूनिट बिजली मिलने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं को इससे बिजली की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी, जबकि अतिरिक्त बिजली बेचकर आय बढ़ाने का भी अवसर मिलेगा।
सब्सिडी का खर्च 10 साल में तीन गुना बढ़ा
यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो सरकार को बिजली सब्सिडी पर होने वाले खर्च में कमी आने की उम्मीद है। पिछले 10 वर्षों में यह खर्च लगातार बढ़ा है।
वर्ष 2015 में बिजली सब्सिडी पर 1442.76 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 4037.62 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
पिछले माह विधानसभा के पटल पर रखी गई कैग रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2019-20 से वर्ष 2022-23 के दौरान कुल सब्सिडी में केवल बिजली सब्सिडी का हिस्सा 66.96 प्रतिशत से 70.39 प्रतिशत के बीच रहा।
138 करोड़ रुपये की बचत का अनुमान
दिल्ली में प्रति माह 200 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। वहीं, 201 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वालों को 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है।
तीन किलोवाट के सोलर पैनल से करीब 300 यूनिट बिजली मिलने की उम्मीद है। ऐसे में सोलर पैनल लगाने वाले उपभोक्ताओं को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी में कमी लाने में मदद मिल सकती है।
200 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले प्रति उपभोक्ता को वार्षिक करीब छह हजार रुपये की सब्सिडी मिलती है। यदि 2.30 लाख सोलर पैनल वाले उपभोक्ता इस दायरे से बाहर होते हैं तो करीब 138 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि बचने का अनुमान है।
महंगी बिजली और नेटवर्क पर दबाव होगा कम
सौर ऊर्जा का उत्पादन बढ़ने से बिजली संयंत्रों से महंगी बिजली खरीदने पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है। इसके साथ ही बिजली नेटवर्क पर दबाव घटने से उसके रखरखाव और नए आधारभूत ढांचे के निर्माण पर होने वाले खर्च को नियंत्रित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार, बिजली सब्सिडी और अन्य मदों में होने वाली बचत से निश्शुल्क सोलर पैनल लगाने की लागत चार से पांच वर्षों में वसूल हो सकती है।
सब्सिडी पर खर्च में कमी सहित अन्य मद में होने वाली बचत से निश्शुल्क सोलर पैनल लगाने की लागत चार से पांच वर्षों में वसूल हो जाएगी। इससे उपभोक्ता को भी 25 वर्षों तक निश्शुल्क बिजली मिलेगी। पूर्व की आप सरकार भ्रम फैलाती थी कि भाजपा की सरकार निश्शुल्क बिजली बंद कर देगी। इसके विपरीत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में ऊर्जा विभाग ने सौर ऊर्जा संयंत्र के माध्यम से उपभोक्ताओं के लिए 25 वर्षों तक निश्शुल्क बिजली की व्यवस्था कर दी है।
-आशीष सूद (दिल्ली सरकार के ऊर्जा मंत्री)
एक नजर में सोलर योजना
- पात्रता: प्रति माह 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ता
- सोलर पैनल क्षमता: तीन किलोवाट
- मासिक संभावित उत्पादन: करीब 300 यूनिट बिजली
- रखरखाव: पांच वर्षों तक निश्शुल्क
- लक्ष्य: 2.30 लाख घरों की छत पर सोलर पैनल
- अनुमानित खर्च: करीब 900 करोड़ रुपये
- 10 किलोवाट तक सिस्टम: आवेदन और पंजीकरण शुल्क समाप्त
- संभावित सब्सिडी बचत: करीब 138 करोड़ रुपये
यह भी पढ़ें- दिल्ली सरकार का बड़ा एलान, 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वालों को मिलेगा मुफ्त सोलर प्लांट
यह भी पढ़ें- पीएम सूर्य घर योजना में बड़ा बदलाव, घरों के सोलर सिस्टम की बिजली ट्रैक करेगी सरकार; इन्वर्टर से जुड़ेगा डेटा
