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रहें सावधान! सुरक्षा के लिए लगाई गई ग्रिल ही न बन जाए जानलेवा

Published: Tue, 05 May 2026 05:47 PM (IST)Updated: Wed, 06 May 2026 12:02 PM (IST)

विवेक विहार अग्निकांड ने सुरक्षा के नाम पर की गई लापरवाहियों को उजागर किया है।

विवेक विहार अग्निकांड ने सुरक्षा के नाम पर की गई लापरवाहियों को उजागर किया है। इमेज एआई

विवेक विहार अग्निकांड ने सुरक्षा के नाम पर की गई लापरवाहियों को उजागर किया है। इमेज एआई

सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। विवेक विहार की उस काली रात में आग सिर्फ दीवारों तक सीमित नहीं रही, उसने चीखों, बेबसी और बंद रास्तों के बीच नौ जिंदगियों को निगल लिया। लोग दरवाजे पीटते रहे, खिड़कियों से झांकते रहे, लेकिन बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था।

हर सेकंड उम्मीद टूटती गई, क्योंकि जिस घर को उन्होंने सुरक्षित समझा, वही उनके लिए जाल बन चुका था। विवेक विहार की घटना ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा के नाम पर की जा रही लापरवाहियां कितनी खतरनाक हो सकती हैं।

विवेक विहार हादसा एक बानगी भर है। यमुनापार के ज्यादातर पाश इलाकों में सुरक्षा के नाम पर बालकनियों पर लोहे की ग्रिल लगाकर उन्हें पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ज्यादातर जगहों पर पीछे के खुले हिस्से ग्रिल से पूरी तरह से कवर दिखाई देते हैं।

ये ग्रिल पूरी तरह से बंद होती हैं, इनमें न तो कोई खिड़की दिखाई देती है और न ही दरवाजा, जिससे आपातकाल की स्थिति में निकला जा सके। सीढ़ियों के ऊपर बने खुले हिस्सों को फाइबर शीट से पूरी तरह ढक दिया जाता है। वर्षा के पानी को रोकने के लिए लगाई फाइबर शीट, हादसों की स्थिति में धुएं को ही नहीं निकलने देती, इससे लोगों का दम घुटने का खतरा रहता है।

न फायर फाइटिंग सिस्टम, न फायर अलार्म

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि विवेक विहार, सूरजमल विहार, समेत तमाम कालोनियों की अधिकतर इमारतों में न तो फायर फाइटिंग सिस्टम मौजूद है और न ही फायर अलार्म। आग लगने के शुरुआती क्षणों में अलार्म ही लोगों को सतर्क कर सकता है, लेकिन उसकी अनुपस्थिति में लोग तब तक अनजान रहते हैं, जब तक हालात काबू से बाहर नहीं हो जाते। अग्निशामक यंत्र या तो होते नहीं हैं, या सालों तक उनकी जांच नहीं होती।

 

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पूर्वी दिल्ली आरडब्ल्यूए संयुक्त मंच के अध्यक्ष बीएस वोहरा ने कहा कि दिल्ली में आग की बढ़ती घटनाएं साफ इशारा हैं कि अब लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। हर परिवार को पहले से सुरक्षित निकास के रास्ते तय करने, उनकी योजना बनाने और समय-समय पर उसका अभ्यास करने की जरूरत है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान बचाई जा सके।

क्या होती हैं लापरवाही?

  • पुरानी और खराब बिजली की वायरिंग को नजरअंदाज करना
  • एक ही सॉकेट पर कई उपकरण चलाकर ओवरलोडिंग करना
  • पार्किंग या सीढ़ियों में कबाड़ और ज्वलनशील सामान रखना
  • इमरजेंसी एग्जिट को स्टोर रूम की तरह इस्तेमाल करना
  • फायर सेफ्टी नियमों की जानकारी न रखना

इन बातों का जरूर रखें ख्याल

  • ग्रिल में बाहर निकलने के लिए दरवाजा या खुलने वाली जगह जरूर रखें
  • हर इमारत में फायर अलार्म और फायर फाइटिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लगवाएं
  • अग्निशामक यंत्र नियमित रूप से चेक करवाएं
  • सीढ़ियों और कॉमन एरिया को खुला रखें
  • छत के दरवाजों को लॉक न करें या इमरजेंसी एक्सेस सुनिश्चित करें

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