बुराड़ी मेन रोड की बदहाली: 4 साल से सीवर का काम अधूरा, धूल और गड्ढों से 1000 से अधिक दुकानदारों का व्यापार चौपट
बुराड़ी मेन रोड की जर्जर हालत से 70-80 हजार लोग और 1000 से अधिक दुकानदार परेशान हैं। सीवर लाइन के ...और पढ़ें
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बुराड़ी मेन रोड की जर्जर हालत से 70-80 हजार लोग और 1000 से अधिक दुकानदार परेशान हैं। इमेज एआई
HighLights
बुराड़ी मेन रोड की जर्जर हालत से लोग परेशान।
सीवर लाइन के अधूरे काम से व्यापार पर असर।
धूल, गड्ढे और जाम से स्थानीय निवासी त्रस्त।
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। बुराड़ी मेन रोड लोगों के लिए लंबे समय से आफत बना हुआ है। 70-80 हजार लोग सड़क की जर्जर हालत से परेशान है। सड़क मार्ग की खस्ता हालत के कारण तकरीबन एक हजार से अधिक दुकानदार का व्यापार भी प्रभावित है।
सड़क की खस्ता हालत की वजह से ग्राहक बुराड़ी मेन मार्केट की दुकानों से बचते है। मार्केट में आने वाले ग्राहकों को धूल व भारी जाम का सामना करना पड़ता है। बुराड़ी मेन मार्केट में हार्डवेयर, फुटवेयर, ज्वैलरी, गारमेंट्स सहित रोजमर्रा व घेरलू वस्तुओं की दुकानें है।
इन दुकानदारों से आसपास के लगभग दर्जनभर रिहायशी क्षेत्रों के लोग खरीददारी करते है। लोग इन दुकानों के बजाय अन्य मार्केट की दुकानों की ओर जाते है। ताकि उन्हें जाम, जर्जर सड़क व धूल-मिट्टी के कारण परेशान न होना पड़े।
लगभग 11 किलोमीटर के बुराड़ी मुख्य मार्ग पर 5-6 किलोमीटर के हिस्से में सीवर लाइन का कार्य अंतिम दौर में है। सीवर कार्य की वजह से सड़क मार्ग पर 8-10 जगहों पर गहरे गड्ढे खोदे गए थे। जिनमें से कुछ गड्ढों को भर भी दिया गया और कुछ जगह पर कार्य चल रहा है।
तकरीबन चार वर्ष पूर्व सीवर लाइन के कार्य प्रारंभ हुआ। जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। बड़े-बड़े गड्ढे व जलभराव के कारण सड़क से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं। बदहाल सड़क मार्ग के कारण संत नगर, तोमर कालोनी, झड़ौदा हरिजन बस्ती, बुराड़ी गांव, जगतपुर गांव, मुखमेलपुर गांव, नत्थूपुरा, लक्ष्मी विहार, उत्तराखंड एन्क्लेव, दर्शन विहार, मुकुंदपुरी, जहांगीरपुरी, आइपी कालोनी शक्ति सहित अन्य कई क्षेत्रों के लोग प्रभावित है और दुकानों का धंधा भी चौपट हो चुका है।
मेरी इलेक्ट्रानिक्स की दुकान है। सड़क की इस हालत की वजह से लगभग 60 प्रतिशत काम कम हो चुका है। यहां कोई ग्राहक आना ही नहीं चाहता। दुकान का किराया निकालना भी मुश्किल हो जाता है।
- सिकंदर प्रसाद सिंह, दुकानदार
मैं चार-पांच वर्षों से हेलमेट की दुकानें चला रहा हूं। यहां धूल इतनी उड़ती है कि एक दिन में चार बार दुकान के शीशे पर कपड़ा मारना पड़ता है और काम तो बिल्कुल न बराबर ही रह गया।
- सुशील कुमार साह, दुकानदार
सड़क पर गड्ढों व जलभराव के कारण इतना जाम होता है कि निकलना भी मुश्किल हो जाता है। गड्ढों के कारण सड़क पर गिर न जाऊं। इसलिए यहां जाने से बचता हूं। मेरे जैसे बुजुर्ग लोगों का इस सड़क ओर निकलना काफी जोखिमभरा है।
- आसाराम त्यागी, बुराड़ी
सड़क पर इतनी धूल उड़ती है कि कई बार सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगती है। इसलिए लोग मुंह ढककर ही निकलते है। यह जल्द से जल्द बननी चाहिए।
- सुंदरलाल, बुराड़ी
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