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दिल्ली में शराब की ‘छूट’ के बदले वसूली का आरोप, CBI ने एक्साइज इंस्पेक्टर को पकड़ा; घर से मिले 1.5 करोड़

Published: Tue, 29 Sep 2026 05:53 AM (IST)

दिल्ली में मैरिज होम और बैंक्वेट हॉल में शराब परोसने की अनुमति में भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। सीबीआई ने ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. आबकारी निरीक्षक प्रेम कुमार के घर से डेढ़ करोड़ नकद बरामद।

  2. सीबीआई ने पश्चिमी दिल्ली में निरीक्षक को रिश्वतखोरी में पकड़ा।

  3. मैरिज होम, बैंक्वेट हॉल में शराब परोसने में अनियमितता उजागर।

वी के शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली में मैरिज होम, बैंक्वेट हाल और फार्म हाउस में शराब परोसने की अनुमति और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आबकारी विभाग के कुछ निरीक्षकों की मिलीभगत से कई आयोजन स्थलों पर नियमों की अनदेखी कर शराब परोसे जाने की छूट दी जाती है।

इसके बदले संचालकों से नियमित रूप से रकम ली जाती है। मोटी रिश्वत पर बाहर से लाई गई शराब के मामलले भी छूट जाते हैं। पश्चिमी दिल्ली में एक बैंक्वेट हाल संचालक से कथित रूप से नियमित रकम मांगने के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आबकारी विभाग के एक निरीक्षक और एक निजी व्यक्ति को पकड़ा है।

जांच के दौरान निरीक्षक प्रेम कुमार के यहां डेढ़ करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई है। जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि रकम की वसूली केवल एक क्षेत्र तक सीमित थी या इसके तार विभाग के अन्य अधिकारियों और दूसरे क्षेत्रों से भी जुड़े हैं।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब दिल्ली सरकार अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती का दावा कर रही है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच आबकारी विभाग ने अवैध शराब के संबंध में 725 प्राथमिकी दर्ज करने और 730 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है।

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मैरिज होम और फार्म हाउस में शराब परोसने के लिए निर्धारित नियमों और लाइसेंस की शर्तों का पालन जरूरी है। ऐसे में सीबीआइ की कार्रवाई के बाद यह जांच का विषय है कि किन आयोजन स्थलों पर नियमों का उल्लंघन हुआ और वहां तैनात अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की।

आबकारी निरीक्षकों और दलालों के नेटवर्क का आरोप

आबकारी विभाग के कुछ निरीक्षकों पर दलालों के माध्यम से मैरिज होम, बैंक्वेट हाल और फार्म हाउस संचालकों से कथित तौर पर उगाही करने के आरोप लग रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जिन प्रतिष्ठानों से कथित तौर पर नियमित वसूली नहीं हो पाती, वहां किसी प्रकार की गतिविधि हाेने पर सूचना इन दलालों के माध्यम से तुरंत संबंधित निरीक्षकों तक पहुंचाई जाती है।

इसके बाद वहां छापेमारी की कार्रवाई और फिर सौदेबाजी का खेल शुरू होता है। एक मामलें में 15 लाख रुपये तक की रकम मांगे जाने का आरोप है। दक्षिणी दिल्ली के एक फार्म हाउस में कुछ समय पहले इसी तरह की हुई थी एक छापेमारी।

आबकारी विभाग में तैनाती के लिए पुलिस निरीक्षकों की भी दौड़

वहीं, आबकारी विभाग में तैनाती को लेकर कुछ पुलिस निरीक्षकों के बीच भी कथित तौर पर रुचि रहती है। विभाग में तैनाती को प्रभावशाली मानने वाले अधिकारियों की ओर से इसके लिए अपनी पहुंच और प्रभाव का इस्तेमाल किए जाने की चर्चा है।

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