दिल्ली में धड़ल्ले से चल रहे ई-रिक्शा पर लगेगा ब्रेक, 2.5 लाख तक तय होगी सीमा, बदलेंगे कई नियम
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या को काबू करने के लिए एक ड्राफ्ट तैयार किया है। ...और पढ़ें

ई-रिक्शा पर लगेगा लगाम, प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
दिल्ली में ई-रिक्शा की संख्या 2.5 लाख तक सीमित होगी।
सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण नियंत्रण मुख्य कारण।
पंजीकरण और चालक के लिए नए नियम प्रस्तावित किए गए।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर धड़ल्ले से बढ़ रही ई-रिक्शा की संख्या पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने रविवार को जारी एक ड्राफ्ट स्कीम में इसकी संख्या को सीमित करने का प्रस्ताव रखा है।
'दिल्ली ई-रिक्शा पंजीकरण और संचालन स्कीम, 2026' को फाइनल करने से पहले इस पर आम जनता से राय और सुझाव मांगे गए हैं, इसके लिए 30 दिनों का समय दिया गया है।
ई-रिक्शा की संख्या को सीमित करने का प्रस्ताव
दिल्ली सरकार ने अपने इस प्रस्ताव में राष्ट्रीय राजधानी में ई-रिक्शा की संख्या को 2.5 लाख तक सीमित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके पीछे सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण का कारण बताया गया है। ड्राफ्ट के मुताबिक तय सीमा के बाद कोई नया पंजीकरण नहीं किया जाएगा, बशर्ते इसमें कोई बदलाव न किया जाए।
ड्राफ्ट के मुताबिक ई-रिक्शा में उन सभी तीन-पहिया वाहनों को गिना जाएगा, जिसमें बैटरी लगी हो, अधिकतम चार यात्रियों के बैठने की जगह हो और 40 किलोग्राम तक सामान ले जाने की क्षमता हो।
साथ ही उसकी स्पीड अधिकतम 25 किमी प्रति घंटा हो। इसके मुताबिक उन सभी ई-रिक्शा को ही चलने की अनुमति मिलेगी जो 'ट्रांसपोर्ट व्हीकल' के रूप में पंजीकृत होंगे, चालक के पास वैध ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट होना जरूरी कर दिया जाएगा।
हर ई-रिक्शा के पास ECC होना जरूरी
ECC को डिजिटली जारी किया जाएगा और इसकी वैधता दो साल ही होगी। इस सर्टिफिकेट में पंजीकरण प्रमाण पत्र के साथ-साथ वाहन के मालिक और चालक के बारे में भी जानकारी होगी। साथ ही इस प्रमाणपत्र पर गाड़ी की फिटनेस के बारे में भी जानकारी होगी।
जिसका मतलब यह है कि हर ई-रिक्शा को केवल एक ड्राइवर से ही जोड़ा जा सकता है। वहीं दिल्ली के रहने वाले लोग अधिकतम पांच ई-रिक्शा ही रख सकेंगे। वहीं कंपनियों और एनजीओ को 100 ई-रिक्शा रखने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा उनके पास चार्जिंग की व्यवस्था होनी चाहिए। हालांकि यह सारे नियम जनता की राय लेने के बाद फाइनल किए जाएंगे।
