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पीएम मोदी की ईंधन बचत की अपील पर दिल्ली का सकारात्मक असर; कारपूलिंग, मेट्रो, ई-रिक्शा को मिला बढ़ावा

Published: Fri, 15 May 2026 09:30 PM (IST)

पश्चिमी एशिया में ईंधन संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर दिल्लीवासी अपनी आदतें बदल रहे हैं। लोग छोटे ...और पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील ईधन पर निर्भरता को कम करने और उर्जा संरक्षण की अपील के बाद पश्चिमी दिल्ली स्थित सागरपुर से बारहखंबा के समीप कार्यालय कारपुलिंग कर जाते मित्र राजेंद्र मित्तल, हरीश कुमार, प्रदीप तंवर, गोल्डी बेदी और राकेश। चंद्र प्रकाश मिश्र

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील ईधन पर निर्भरता को कम करने और उर्जा संरक्षण की अपील के बाद पश्चिमी दिल्ली स्थित सागरपुर से बारहखंबा के समीप कार्यालय कारपुलिंग कर जाते मित्र राजेंद्र मित्तल, हरीश कुमार, प्रदीप तंवर, गोल्डी बेदी और राकेश। चंद्र प्रकाश मिश्र

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शशि ठाकुर, नई दिल्ली। पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध से उत्पन्न ईंधन संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन बचत को लेकर किए गए आह्वान का दिल्लीवालों ने संजीदगी से लिया है और इसका असर दिल्ली की सड़कों पर भी दिखने लगा है।

विशेष बात कि प्रदूषण और जाम से जूझती दिल्ली में अब छोटे सफर के लिए लोग अपनी गाड़ियां घर छोड़ कोई कारपूलिंग कर रहा है, तो कोई मेट्रो और बसों का प्रयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहा है। इसमें रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन्स (आरडब्ल्यूए) भी बड़ा योगदान दे रही हैं। 

'कारपूलिंग' से देश के साथ पर्यावरण की चिंता

पश्चिमी दिल्ली सागरपुर निवासी राजेंद्र मित्तल हर रोज अब अपने दफ्तर कारपूलिंग करके जा रहे हैं। आस-पास के रहने वाले लोगों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ है। उसी पर सारी जानकारी डाली जाती है।

राजेंद्र मित्तल बताते हैं कि पहले हम चार दोस्त अलग- अलग कारों व बाइक से बाराखंभा जाते थे। रास्ते का भारी जाम और ऊपर से अकेले गाड़ी चलाने की थकान। प्रधानमंत्री की सात सूत्रीय अपील के बाद हमने तय किया कि हम कारपूलिंग करेंगे।

अब हम चारों एक ही कार से जाते हैं। इससे न सिर्फ हमारा महीने का पेट्रोल का खर्च आधा हो गया है, बल्कि ड्राइविंग के तनाव से भी मुक्ति मिली है। हम बातें करते हुए हंसते-खेलते आफिस पहुंच जाते हैं।

छोटी दूरी के लिए मेट्रो और ई-रिक्शा का सहारा

वेस्ट विनोद नगर निवासी राकेश बैसला एक निजी कंपनी में क्लर्क हैं। पहले वो पास के ही बाजार या रिश्तेदारों के घर जाने के लिए अपनी स्कूटी या कार से निकालते थे। अब वह कहते है कि पीएम मोदी की अपील ने सोचने का तरीका बदल दिया।

वह दो तीन किलोमीटर के दायरे में जाने के लिए ई-रिक्शा या मेट्रो का इस्तेमाल करते है। थोड़ा सफर कम है तो पैदल ही चले जाते है। वह कहते हैं कि शुरुआत में थोड़ी झिझक थी, लेकिन अब दफ्तर भी कारपूलिंग करके ही जा रहे हैं। इससे समय भी बचता है और पार्किंग की झंझट से भी मुक्ति मिल गई है।

आरडब्ल्यूए भी आई आगे, इंटरनेट माध्यम से बैठकें

इस बदलाव में दिल्ली की आरडब्ल्यूए काॅलोनियों में रविवार को होने वालीं लंबी बैठकें फिजिकल न होकर आनलाइन मोड (जैसे जूम या गूगल मीट) पर हो रही हैं। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि इससे लोग अपनी गाड़ियों से आने- जाने से बचते हैं और समय की भी बचत होती है।

वाट्सएप ग्रुप्स के जरिए प्रधानमंत्री की अपील को घर- घर तक पहुंचाया जा रहा है। दिल्ली के 2,500 से आरडब्ल्यूए ऊर्जा के अध्यक्ष अतुल गोयल कहते हैं कि देश ही नहीं पूरा विश्व पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से प्रभावित है। हमें सतर्कता और मितव्ययिता से चलना होगा।

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