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दिल्ली में महंगी हो सकती है बिजली, APTEL ने 30,000 करोड़ के बकाये पर मोहलत देने से किया इंकार

Published: Mon, 20 Apr 2026 04:05 PM (IST)Updated: Mon, 20 Apr 2026 04:06 PM (IST)

दिल्ली में बिजली महंगी हो सकती है क्योंकि अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण (APTEL) ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) की 30,000 ...और पढ़ें

दिल्ली में बिजली महंगी हो सकती है।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली में बिजली महंगी हो सकती है। दरअसल अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण (APTEL) ने 30,000 करोड़ के बकाये पर मोहलत देने से इनकार कर दिया है। ऐसे में गर्मी में एसी, कूलर और पंखे की ठंडी हवा के लिए दिल्ली के उपभोक्ताओं को अधिक जेब ढीली करनी होगी।

दिल्ली में क्यों बढ़ सकते हैं बिजली के दाम?

अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण (APTEL) ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) के लगभग 30,000 करोड़ रुपये के बकाये चुकाने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था।

डीईआरसी ने एप्टेल में दलील दी थी कि यदि इस भारी-भरकम बकाये के भुगतान के लिए मोहलत दे दी जाए तो उपभोक्ताओं पर अचानक बोझ नहीं पड़ेगा और बिजली टैरिफ में एक साथ तेज बढ़ोतरी को रोका जा सकेगा।

मगर न्यायाधिकरण इस दलील से सहमत नहीं हुआ और मौजूदा पुनर्भुगतान शेड्यूल का पालन करने का निर्देश दे दिया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर

यह फैसला अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट के दिए गए निर्देशों के बाद आया है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों के बिजली नियामकों को आदेश दिया था कि अप्रैल 2024 से पुराने बकाये (रेगुलेटरी एसेट्स) की वसूली शुरू कर दी जाए और इसे अप्रैल 2028 तक पूरा कर लिया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि जरूरी हो तो बकाया वसूलने के लिए बिजली दरों (टैरिफ) में संशोधन यानी बढ़ोतरी की जा सकती है।

डीईआरसी की याचिका खारिज होने के बाद अब दिल्ली में बिजली की दरें बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह बोझ अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा और उनकी बिजली बिल में वृद्धि देखने को मिल सकती है। 

समयबद्ध तरीके से करना होगा भुगतान

सूत्रों ने बताया कि मुख्य रूप से डिस्कॉम्स द्वारा बिजली खरीद और बिक्री के बीच के अंतर (रेगुलेटरी एसेट्स) से जुड़ा है। मोहलत न मिलने के बाद अब डीईआरसी को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार समयबद्ध तरीके से भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 

दिल्ली सरकार और डिस्कॉम्स के बीच इस मुद्दे पर पहले भी चर्चा हो चुकी है, लेकिन फिलहाल टैरिफ बढ़ोतरी की संभावना मजबूत हो गई है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे अपने बिजली उपयोग पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर ऊर्जा बचत के उपाय अपनाएं।

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