लुटियंस दिल्ली में कबूतरों को दाना खिलाने वालों पर सख्ती, 3 महीने में 76 चालान; NGT को सौंपी रिपोर्ट
एनडीएमसी ने लुटियंस दिल्ली में कबूतरों को दाना खिलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इस साल के पहले ...और पढ़ें

कबूतरों को दाना खिलाने वालों पर लुटियंस दिल्ली में की जा रही कार्रवाई। फोटो: आर्काइव
HighLights
एनडीएमसी ने तीन माह में 76 कबूतर दाना चालान किए
कबूतरों की बीट से स्वास्थ्य खतरों पर एनजीटी याचिका
बंदरों को दाना खिलाने पर भी चार चालान जारी हुए
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। लुटियंस दिल्ली में जगह-जगह पर कबूतरों को दाना खिलाने वालों के खिलाफ नई दिल्ली पालिका परिषद (NDMC) लगातार कार्रवाई कर रही है।
इस वर्ष के शुरुआती तीन महीने में 76 चालान किए गए हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में दाखिल ताजा रिपोर्ट में NDMC ने कहा कि दाना खिलाने के स्थान पर नियमित रूप से सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
जनवरी में 23, फरवरी में 14 और मार्च में 39 चालान
रिपाेर्ट में NDMC ने कहा कि कबूतरों को दाना खिलाने वाली जगहों की पहचान करने के लिए सफाई पर्यवेक्षक कर्मचारियों द्वारा एक सर्वेक्षण किया गया था और इसके बाद जनवरी में 23, फरवरी में 14 और मार्च में 39 चालान जारी किए गए थे।
कबूतरों के अलावा NDMC की ओर से सार्वजनिक जगहों पर बंदरों को दाना खिलाने वालों पर नकेल कसने के लिए, चार लोगों काे चालान जारी किए गए। इसके अलावा बंदरों को भगाने के लिए खुले में लंगूरों के कट-आउट (तस्वीरें) लगाए गए हैं।
एक छात्र ने फेफड़ों की बीमारी का उठाया था सवाल
एक छात्र की लंबित याचिका पर NDMC ने यह जानकारी एनजीटी में दी है। याचिकाकर्ता अरमान पालीवाल ने दावा किया था कि जगह-जगह पर ट्रैफिक लाइट व फुटपाथ पर कबूतरों को दाना खिलाने के कारण जगहें उनकी बीट से भरी रहती है।
इन जगहों पर सफाई की जाती है तो सूखे बीट के जहरीले कण धूल में मिलकर न सिर्फ पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालते है। इससे फेफड़ों की कई गंभीर बीमारियां हो सकती है।
याचिका पर एनजीटी ने पूर्व में NDMC व दिल्ली नगर निगम को मामले पर कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
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