DTC बस सर्विस को हाईटेक करेगा AI; रूट, रखरखाव और ड्राइवर-कंडक्टर की ड्यूटी और पैसेंजर्स पर रखेंगे नजर
दिल्ली सरकार डीटीसी बस सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग तकनीक का उपयोग करेगी। ...और पढ़ें

डीटीसी अपने मौजूदा बस मैनेजमेंट सिस्टम को अपग्रेड कर पूरी तरह से एआई आधारित नया सॉफ्टवेयर तैयार करने की योजना बना रहा है। एआई इमेज
HighLights
डीटीसी बस सेवाओं में एआई और मशीन लर्निंग तकनीक का उपयोग।
रूट, रखरखाव, चालक-परिचालक ड्यूटी की निगरानी एआई से होगी।
ई-टिकटिंग, रियल-टाइम अपडेट, यात्री डेटा प्रबंधन में सुधार।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को अधिक आधुनिक और सुलभ बनाने के लिए दिल्ली सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बस सेवा, रूट मैनेजमेंट और रखरखाव की निगरानी के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग तकनीक की मदद ली जाएगी।
मौजूदा सिस्टम का होगा जीर्णोद्धार
डीटीसी अपने मौजूदा बस मैनेजमेंट सिस्टम को अपग्रेड कर पूरी तरह से एआई आधारित नया सॉफ्टवेयर तैयार करने की योजना बना रहा है। इसके लिए विशेषज्ञ कंपनियों से प्रस्ताव (आरएफपी) मांगे गए हैं। चयनित कंपनी पहले वर्तमान बस संचालन व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन करेगी, जिसके बाद इलेक्ट्रिक, सीएनजी व अन्य बसों के प्रबंधन के लिए नया डिजिटल ढांचा तैयार किया जाएगा।
2028-29 तक 14 हजार बसों का लक्ष्य
वर्तमान में डीटीसी के बेड़े में 6,500 से अधिक बसें शामिल हैं, जिनका संचालन शहर के 52 डिपो से किया जाता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वर्ष 2028-29 तक बसों की संख्या को बढ़ाकर 14,000 करने और डिपो की संख्या 90 तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। बसों के इस बढ़ते बेड़े को नियंत्रित करने के लिए एआई आधारित मॉनिटरिंग बेहद अहम साबित होगी।
ई-टिकटिंग और राजस्व प्रणाली से सीधा जुड़ाव
प्रस्तावित नए एआई सॉफ्टवेयर को इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) और किराया वसूली व्यवस्था से सीधे जोड़ा जाएगा। इससे डिपो, बस, चालक और परिचालक के अनुसार ईटीएम की मैपिंग होगी। मशीनों के जारी होने, लौटने और खराब होने का पूरा हिसाब डिजिटल रहेगा, जिससे राजस्व रिपोर्ट तैयार करने में मैनुअल काम काफी कम हो जाएगा।
रियल टाइम रूट अपडेट और एआई की स्मार्ट सुविधाएं
यह नया सॉफ्टवेयर ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों के अनुसार रियल टाइम में बसों के रूट और शेड्यूल में बदलाव करने में सक्षम होगा। इसके अलावा एआई के इस्तेमाल से बसों के पहुंचने का सटीक समय और देरी की पूरी जानकारी भी मिल जाया करेगी।
वहीं, रूट, ड्राइवर-कंडक्टर की ड्यूटी और इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी। ऐसे में बसों में तकनीकी खराबी का पहले से अनुमान, बैट्री क्षमता की निगरानी, सीसीटीवी कवरेज और यात्रियों की संख्या का रियल टाइम डेटा भी उपलब्ध करने में मदद मिलेगी।
