NIA के एक जवाब से अमेरिका के वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को मिली राहत, अब 24 फरवरी तक रहेंगे बेल पर
दिल्ली की एक अदालत ने म्यांमार हथियार प्रशिक्षण मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को ...और पढ़ें

जमानत पर रिहा हुए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैंडीके शुक्रवार को अमेरिका से लौटने के बाद म्यांमार प्रशिक्षण शिविर मामले में एनआईए अदालत के समक्ष पेश होने के लिए दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे। एएनआई
HighLights
दिल्ली कोर्ट ने वैनडाइक समेत 7 विदेशियों की भारत में रहने की अनुमति बढ़ाई।
एनआईए को म्यांमार हथियार प्रशिक्षण मामले की जांच के लिए अधिक समय।
वैनडाइक ने मामले के जारी रहने पर सवाल उठाए, वित्तीय कठिनाई का जिक्र।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को म्यांमार हथियार प्रशिक्षण मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को भारत से बाहर रहने के लिए दी गई अनुमति को अगले साल 24 फरवरी तक के लिए बढ़ा दिया है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा जांचे जा रहे इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने की। अदालत ने यह आदेश सातों विदेशी नागरिकों द्वारा दायर आवेदनों पर सुनवाई करते हुए पारित किया। यह सुनवाई बंद कमरे (इन-कैमरा) में आयोजित की गई थी।
अदालत ने क्यों दी इतनी लंबी छूट?
एनआईए की ओर दायर किए गए जवाब में कहा गया कि उन्हें मामले के कई पहलुओं की जांच के लिए और समय चाहिए। इसके बाद अदालत का यह फैसला आया है। एनआईए के वकील राहुल त्यागी ने इस संबंध में अपनी दलीलें पेश कीं।
अदालत ने वैनडाइक को वापस अमेरिका लौटने की भी स्वतंत्रता दी, क्योंकि वह शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए थे। वहीं, अन्य छह आरोपी स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए।
वैनडाइक ने केस जारी रहने पर उठाया सवाल
अदालत कक्ष के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए वैनडाइक ने अपने खिलाफ मामला जारी रहने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'इसे जारी रखने का कोई कारण नहीं है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो जब तक यह समाप्त नहीं हो जाता, मैं भारत में ही रहूंगा।'
पिछले महीने ही भारत लौटा है वैनडाइक
बता दें कि पिछले महीने डिफॉल्ट जमानत पाने वाले वैनडाइक अदालत के समक्ष पेश होने और विदेश यात्रा की अपनी अनुमति की अवधि बढ़ाने की मांग करने के लिए भारत लौटे थे। सितंबर में अदालत ने उन्हें अपनी शर्तों के तहत एक महीने के लिए अपने परिवार से मिलने अमेरिका जाने की अनुमति दी थी, बशर्ते कि वे वापस भारत लौटें और अदालत के सामने पेश हों।
धनाभाव में वकील को हटाया
अमेरिकी नागरिक ने यह भी बताया कि वित्तीय कठिनाइयों के कारण उन्होंने अपने वकील को हटा दिया है। उन्होंने कहा, 'मामले पर मेरी कोई टिप्पणी नहीं है। यह सब अभी जारी है, खासकर अब जब मैं खुद ही अपना वकील हूं। धन की समस्या मुख्य मुद्दा है।' वैनडाइक ने इस मामले में अमेरिकी दूतावास से किसी भी प्रकार की सहायता मिलने से भी इनकार किया।

क्या है वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों का पूरा मामला?
एनआईए का आरोप है कि वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। उन्होंने अनिवार्य परमिट के बिना पूर्वोत्तर क्षेत्र की यात्रा की और बाद में मिजोरम के रास्ते म्यांमार में प्रवेश किया, जहां उन्होंने कथित तौर पर जातीय सशस्त्र संगठनों को प्रशिक्षण दिया।
जांच एजेंसी ने शुरुआत में साजिश से संबंधित धाराओं सहित गैर-कानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों को लागू किया था। यह भी आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने नेटवर्क के बारे में विवरण साझा किए थे और उपकरण जुटाने तथा म्यांमार में एक यात्री विमान को निशाना बनाने में शामिल थे।
एनआईए ने चार्जशीट में नहीं लगाया यूएपीए
हालांकि, अपने आरोप पत्र (चार्जशीट) में एनआईए ने यूएपीए के प्रावधानों को लागू नहीं किया और इसके बजाय आव्रजन और विदेशी अधिनियम की धारा 21 और 23 के तहत कार्रवाई की, जो ऐसे अपराधों से संबंधित हैं जिन्हें फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) के समक्ष निपटाया जा सकता है। एजेंसी ने पहले संकेत दिया था कि आतंकवादी पहलुओं की जांच जारी है और पूरक चार्जशीट में अतिरिक्त आरोप शामिल किए जा सकते हैं।
(पीटीआई के इनपुट के साथ)
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