कैसे सुधरेगी दिल्ली की हवा? दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बताया पूरा प्लान
दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग और IIT कानपुर के ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 5 ...और पढ़ें
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
HighLights
दिल्ली सरकार, IIT कानपुर ने वायु प्रदूषण हेतु समझौता किया।
AI, डेटा विश्लेषण से वायु गुणवत्ता प्रबंधन होगा सशक्त।
48-72 घंटे पहले वायु गुणवत्ता का पूर्वानुमान संभव।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग एवं आईआईटी कानपुर के ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन के बीच अहम समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण की चुनौती से प्रभावी एवं वैज्ञानिक तरीके से निपटना है।
यह एमओयू अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा और इसके जरिये राजधानी में एआई, उन्नत डेटा विश्लेषण, हाइपरलोकल मानिटरिंग और वैज्ञानिक निर्णय सहायता प्रणालियों के उपयोग से वायु गुणवत्ता प्रबंधन को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा सहित संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी वायु प्रदूषण के स्रोतों की अधिक सटीक पहचान, हॉटस्पॉट की निगरानी, बेहतर पूर्वानुमान प्रणाली और समयबद्ध हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार लाने का मार्ग प्रशस्त
प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की बेहतर पहचान, रियल-टाइम निगरानी निगरानी और पूर्वानुमान आधारित रणनीतियों के माध्यम से राजधानी की वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार लाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस समझौते के तहत दिल्ली में कम लागत वाले सेंसर, मोबाइल मानिटरिंग लैब और सैटेलाइट डेटा पर आधारित एकीकृत वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
स्थानीय स्रोतों का सटीक विश्लेषण संभव होगा
इससे प्रदूषण की रियल-टाइम निगरानी और स्थानीय स्रोतों का सटीक विश्लेषण संभव होगा। परियोजना के अंतर्गत एआई आधारित उन्नत डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) तैयार किया जाएगा, जो 48 से 72 घंटे पहले वायु गुणवत्ता का पूर्वानुमान देने में सक्षम होगा।
