दिल्ली की कृषि मंडियों में सीएम रेखा गुप्ता ने किया 4 बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास, किसानों का होगा फायदा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की कृषि मंडियों के लिए चार विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य मंडियों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाना है।

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, जागरण।
HighLights
केशोपुर मंडी में पुरानी सड़कों का निर्माण।
नरेला अनाज मंडी में बनाए जाएंगे दो शेड।
आजादपुर मंडी में सीवर-ड्रेनेज प्रणाली में होगी सुधार।
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की विभिन्न कृषि मंडियों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने वाली चार विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
सीएम गुप्ता ने इस दौरान कहा कि यहां सड़क, जल निकासी, भंडारण और तकनीक आधारित प्रबंधन सुविधाओं को बेहतर बनाना है। वे शुक्रवार आजादपुर स्थित एपीएमसी कार्यालय में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत परियोजनाओं के शिलान्याय पर पहुंची थीं।
किसानों से लेकर ग्राहकों तक को लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि मंडियां किसानों की मेहनत और उनकी उपज को बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यहां बेहतर बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए। दिल्ली सरकार का प्रयास है कि मंडियों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाकर किसानों, व्यापारियों और मंडी उपयोगकर्ताओं को लाभ पहुंचाया जाए।
मंडियों की व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर
सरकार मंडियों की जरूरतों के अनुसार नई मंडियों के विकास, आंतरिक सड़कों, सीवर-पाइपलाइन और ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार, कचरा निस्तारण केंद्रों तथा आवारा पशुओं की रोकथाम पर काम कर रही है। प्रकाश व्यवस्था, श्रमिकों के लिए भोजन के साथ स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों की उपलब्धता पर भी ध्यान दे रहे हैं।
व्यापारियों, आढ़तियों के कार्यस्थलों व काउंटरों को बेहतर बनाने के साथ श्रमिकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करेंगे। इस अवसर पर सांसद योगेन्द्र चांदोलिया, कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड के उपाध्यक्ष अर्जुन शर्मा, विधायक श्री राजकुमार भाटिया आदि मौजूद रहे।
इन चार परियोजनाओं का शुभारंभ
1. केशोपुर फल एवं सब्जी मंडी में 9.48 करोड़ रुपये की लागत से 20 वर्ष से अधिक पुरानी आंतरिक सड़कों का निर्माण।
2. नरेला की लगभग 33 एकड़ में फैली नई अनाज मंडी में दो अस्थायी शेड बनाए जाएंगे।
3. आजादपुर नई सब्जी मंडी के बी और सी ब्लाक में करीब 30 वर्ष पुरानी सीवर और ड्रेनेज लाइनों से जुड़ी समस्याओं को दूर करेंगे।
4. आजादपुर फल एवं सब्जी मंडी के प्रवेश और निकास द्वार पर ‘स्लो स्पीड वे इन मोशन’ प्रणाली लगाई जाएगी।
बनाई जाएंगी आधुनिक मंडियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अगले 100 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक मंडी के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई जा रही हैं। फल एवं सब्जी मंडी टिकरी खामपुर के विकास के लिए कंसल्टेंट नियुक्त किए जा चुके हैं। प्रत्येक मंडी के कार्यों की सूची तैयार है। दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड के उपाध्यक्ष अनुज शर्मा को इनके समन्वय और निगरानी की जिम्मेदारी दी है।
मंडियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, कंट्रोल एंड कमांड सेंटर देने के साथ निजी और व्यावसायिक वाहनों की जरूरतों के अनुसार सुविधाएं विकसित होंगी। गाजीपुर, नरेला, आजादपुर और केशोपुर सहित प्रत्येक मंडी में उसकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य होंगे।
मंडियों के विकास को मिली गति
दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली की मंडियों में पिछले 30 साल से रुके विकास कार्यों को गति देते हुए नई शुरुआत की जा रही है। कई जगहों पर पिछले 15-20 साल से सड़कें नहीं बनी थीं और कुछ क्षेत्रों में 30 साल से सीवर की सुविधा नहीं थी।
अब इनके समाधान के साथ मंडियों का आधुनिकीकरण होगा। नरेला मंडी के विस्तार की नई परियोजना भी शुरू हो रही हैं। खांमपुर में विश्वस्तरीय आधुनिक मंडी विकसित करने की दिशा में भी काम आगे बढ़ रहा है।
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