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दवा खरीदते समय अब CCTV में कैद होगी आपकी मेडिकल जानकारी? केमिस्टों ने प्रस्तावित नियम पर जताई आपत्ति

Published: Sun, 20 Sep 2026 10:45 PM (IST)

रिटेल फार्मेसियों में प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री के लिए सीसीटीवी अनिवार्य करने का केमिस्टों ने विरोध किया है। आरडीसीए वन ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. केमिस्टों ने प्रिस्क्रिप्शन दवाओं पर सीसीटीवी अनिवार्यता का विरोध किया।

  2. आरडीसीए वन दिल्ली ने स्वास्थ्य मंत्रालय को आपत्ति पत्र भेजा।

  3. मरीजों की निजता और छोटे दुकानदारों पर आर्थिक बोझ की चिंता।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। रिटेल फार्मेसियों में प्रिस्क्रिप्शन पर दी जाने वाली दवाओं की बिक्री के दौरान सीसीटीवी अनिवार्य करने की व्यवस्था का केमिस्टों ने विरोध किया है।

रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस-वन दिल्ली (आरडीसीए वन दिल्ली) ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अवर सचिव (औषधि) को पत्र भेजकर प्रस्तावित नियम 65(2ए) पर आपत्ति जताई है।

संगठन ने कहा है कि सीसीटीवी से मरीजों और उनके परिवार की संवेदनशील चिकित्सकीय जानकारी रिकार्ड हो सकती है, जिससे निजता और गोपनीयता प्रभावित हो सकती है।

सीसीटीवी अनिवार्य करने का विरोध

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आठ सितंबर को जीएसआर 791(ई) के माध्यम से ड्रग्स रूल्स 1945 में संशोधन का प्रस्ताव जारी किया है। इसके तहत पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी के प्रिस्क्रिप्शन पर दी जाने वाली दवाओं की बिक्री या आपूर्ति, थोक व्यापार को छोड़कर, सीसीटीवी निगरानी वाले लाइसेंसी परिसर से करने और रिकार्डिंग कम से कम तीन माह तक सुरक्षित रखने का प्रविधान है।

आरडीसीए ने कहा कि फार्मेसी पर मरीज दवा की मात्रा, सेवन की विधि और सावधानियों के साथ प्रजनन एवं यौन स्वास्थ्य, मानसिक व न्यूरोलाजिकल स्थितियों, बच्चों और बुजुर्गों से जुड़ी आवश्यकताओं पर भी बातचीत कर सकते हैं।

कई बार परिवार का सदस्य दूसरे व्यक्ति की दवा लेने आता है। ऐसे में मरीज की अनुपस्थिति में भी उसकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी रिकार्ड हो सकती है।

संगठन ने कहा कि सीसीटीवी से केवल व्यक्ति के फार्मेसी में आने या बातचीत का पता चल सकता है। इससे प्रिस्क्रिप्शन की वैधता, दवा की चिकित्सकीय उपयुक्तता या सही मरीज को दवा दिए जाने की पुष्टि नहीं होती। प्रिस्क्रिप्शन, बिल, रजिस्टर और अन्य वैधानिक रिकार्ड की अपनी भूमिका है।

सुरक्षा नियमों पर राहत की मांग

तीन माह की रिकार्डिंग सुरक्षित रखने के लिए संगठन ने फुटेज तक पहुंच, उसकी नकल या हस्तांतरण, डाटा लीक और अवधि पूरी होने के बाद सुरक्षित तरीके से हटाने के स्पष्ट नियम बनाने की मांग की है। बिजली, इंटरनेट, कैमरा या डीवीआर, एनवीआर खराब होने पर भी लाइसेंसी के नियंत्रण से बाहर की अस्थायी तकनीकी समस्या को स्वतः उल्लंघन न माना जाए।

आरडीसीए ने छोटे मेडिकल स्टोर पर आर्थिक बोझ को देखते हुए जोखिम आधारित और अनुपातिक व्यवस्था अपनाने तथा अंतिम अधिसूचना से पहले व्यापक हितधारक परामर्श की मांग की है।

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