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862 रुपये दिहाड़ी और मांग 2000 की! आखिर क्यों थम नहीं रही DTC की हड़ताल और सरकार की क्या है तैयारी?

Published: Sat, 19 Sep 2026 06:18 PM (IST)

दिल्ली में डीटीसी की निजी बसों के चालकों और परिचालकों की हड़ताल वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे पर जारी है, जिससे ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. दिल्ली में निजी बस चालकों की हड़ताल वेतन वृद्धि पर जारी।

  2. सरकार के बातचीत और वैकल्पिक परिचालन के प्रयास विफल रहे।

  3. श्रम विभाग की राय का इंतजार, यात्रियों को हो रही परेशानी।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में डीटीसी के लिए बस चला रहीं निजी कंपनियों के चालकों और परिचालकों की हड़ताल जारी है। सरकार की ओर से हड़ताल खत्म कराने और बस सेवा सामान्य करने के लिए बातचीत से लेकर वैकल्पिक परिचालन तक कई कदम उठाए गए हैं, लेकिन वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे पर सहमति नहीं बनने के कारण गतिरोध बरकरार है।

हड़ताल 15 सितंबर से शुरू हुई थी और इसका असर दिल्ली के कई बस मार्गों पर पड़ा है। सरकार ने चालकों के वेतन पर श्रम विभाग से राय मांगी है। परिवहन मंत्री डा पंकज सिंह ने कहा कि श्रम विभाग की राय का इंतजार किया जा रहा है।

सरकार ने क्या-क्या प्रयास किए

हड़ताल शुरू होने के बाद परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों और बस संचालकों के साथ बैठक की। सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत की और सरकार की ओर से कहा गया कि वेतन बढ़ोतरी को छोड़कर अधिकांश मांगों पर सहमति बन गई है।

परिवहन मंत्री डा पंकज सिंह का कहना है कि अधिकांश मांगें मान ली गई हैं और वेतन बढ़ोतरी पर श्रम विभाग से सलाह लेकर उचित राशि तय करने की प्रक्रिया होगी।

उन्होंने कहा कि हड़ताली चालकों काे यह समझना चाहिए कि वे लोग जब नौकरी पर लगे तो कंपनियों की शर्तों पर लगे थे, अब वे लोग विरोध कर रहे हैं। फिर भी हम लोगों ने कंपनियों पर दबाव बनाकर इन लोगों के लिए कई सुविधाएं शुरू कराई हैं।

मंत्री ने कहा कि चिकित्सा सुविधा, छुट्टी, अतिरिक्त किलोमीटर का भुगतान और कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में परिवार के सदस्य को नौकरी जैसी मांगों पर चालकों काे भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि वेतन के मामले में श्रम विभाग को अध्ययन करने में कुछ समय लगेगा।

जैसे ही श्रम विभाग की ओर से रिपोर्ट अाती है उस पर भी फैसला लिया जाएगा। मगर इन चालकों को हड़ताल नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा सरकार ने बस सेवा को किसी तरह जारी रखने के लिए डीटीसी के स्तर पर चालकों की तैनाती में बदलाव किया है।

डीटीसी ने अपने 2,693 संविदा और परमानेंट चालकों को जरूरत के अनुसार अलग-अलग डिपो में अस्थायी रूप से भेजा गया है। यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए दिल्ली मेट्रो ने भी अतिरिक्त फेरे चलाए गए हैं।

कहां तक मिली सफलता

सरकार के प्रयासों से कुछ मांगों पर बातचीत आगे बढ़ी है और बसों का परिचालन पूरी तरह ठप होने से बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है। अधिकारियों के अनुसार 3,000 से अधिक बसें चल रही हैं, हालांकि कई इलाकों में बसों की कमी और यात्रियों को लंबे इंतजार की समस्या बनी हुई है।

क्यों खत्म नहीं हो रही हड़ताल

हड़ताल का सबसे बड़ा कारण वेतन का मुद्दा है। कर्मचारियों के अनुसार उन्हें वर्तमान में 862 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं और वे इसे बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रतिदिन करने की मांग कर रहे हैं।

इसके अलावा महंगाई भत्ते में संशोधन, सरकारी अवकाश का भुगतान, बोनस, चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा जैसी मांगें भी हैं। वहीं कर्मचारी तत्काल और स्पष्ट निर्णय चाहते हैं।

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