दिल्ली में DTC बसों की हड़ताल के बीच मेट्रो ने बनाया नया रिकॉर्ड, एक दिन में 8244903 यात्रियों ने किया सफर
दिल्ली में डीटीसी बसों की हड़ताल के चौथे दिन यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें ऑटो ...और पढ़ें

डीटीसी बस चालकों की हड़ताल के दौरान मेट्रो में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। जागरण
HighLights
डीटीसी बसों की हड़ताल से यात्रियों को भारी असुविधा।
ऑटो-ई-रिक्शा के लिए देना पड़ा कई गुना किराया।
दिल्ली मेट्रो ने 17 सितंबर को बनाया नया यात्री रिकॉर्ड।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सुबह के करीब दोपहर दो बजे हैं। विश्वविद्यालय के समीप स्थित बस स्टैंड पर खड़ी महिला यात्री सरोज कड़ी धूप में सिर पर दुपट्टा ओढ़े बार- बार सड़क की तरफ देख रहे थी।
इस उम्मीद में कि शायद डीटीसी की बस आ जाए और वह रूक जाए। आधा घंटा बीतता है, फिर एक घंटा... लेकिन बस नहीं आती। आखिरकार वह परेशान होकर फिर आटो या ई-रिक्शा की ओर बढ़ जाती हैं।

जिस सफर के लिए सरोज को कोई पैसा नहीं देना पड़ता, उसके लिए आटो वाले को उन्हें सौ रुपये देने पड़े। डीटीसी में बसों का संचालन कर रही निजी कंपनियों के चालकों के हड़ताल के चौथे दिन कुछ ऐसी ही स्थिति दिल्ली के अन्य इलाकों में भी रही।
डीटीसी की ई-बसों में जिस सफर के लिए लोगों को 10 से 20 रुपये देने पड़ते हैं, उसके लिए लोगों के डेढ़ सौ से 200 रुपये तक खर्च करने पड़े। हालांकि काफी संख्या में लोग बस छोड़ पिछले चार दिन से मेट्रो का विकल्प अपनाने लगे हैं।
बस यात्रियों का बिगड़ा गणित
यही वजह है कि शुक्रवार को मेट्रो में यात्रियों की संख्या रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं बसों का परिचालन सामान्य करने के लिए डीटीसी ने अपने 2700 चालकों निजी कंपनियों की बसें चलाने के लिए मैदान में उतार दिया है। ये चालक फिलहाल विभाग के अन्य कार्यों में लगे हुए थे।
पिछले चार दिनों से बसों में चलने वाले यात्रियों का गणित बिगाड़ दिया है। यात्रा के लिए उन्हें अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। कई यात्रियों ने बताया कि बस के इंतजार में एक से दो घंटे धूप में खड़े रहने के बाद उन्हें मजबूरी में आटो या ई-रिक्शा करना पड़ा।

कुछ लोगों को मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने के लिए एक से दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। चौथे दिन अतिरिक्त चालकों के मैदान में आने से कुछ रूटों पर बसों का परिचालन शुरू हुआ, लेकिन यात्रियों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई। कई बसें स्टाप पर रुकीं ही नही।
इससे यात्रियों को बस सेवा पर भरोसा करने के बजाय वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। सुबह कार्यालय जाने वालों और डूसू चुनाव में मतदान करने वाले विद्यार्थियों की सबसे ज्यादा परेशानी हुई। एक तरफ बस नहीं मिली, दूसरी तरफ मेट्रो स्टेशनों पर पहुंचते ही भीड़ का सामना करना पड़ा।
एक दिन मेट्रो को मिले 82 लाख से अधिक यात्री
17 सितंबर को मेट्रो में यात्रियों का नया रिकार्ड बन गया। इस दिन 82,44,903 लोगों ने मेट्रो से यात्रा की। इससे पहले पिछले साल आठ अगस्त को 81,88,115 और 11 अगस्त को 80,97,551 यात्रियों ने यात्रा कर रिकार्ड बनाया था।
इस वर्ष इससे पहले सबसे अधिक 27 अगस्त को 81,01,159 यात्रियों ने यात्रा की थी। बसों की हड़ताल के बाद मेट्रो में लगातार इनकी संख्या बढ़ रही है। 16 सितंबर को यह संख्या 80,71,630 थी। अगले दिन यात्रियों की संख्या में 1,73,273 की वृद्धि हुई।
बस डिपो में खड़ी, सड़क पर बढ़ी बेचैनी
बाहरी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली में बस डिपो में बड़ी संख्या में बसें खड़ी दिखाई दीं। पश्चिमी दिल्ली के द्वारका मोड़, द्वारका सेक्टर 1 व सेक्टर 6 ट्रैफिक लाइट, उत्तम नगर बस डिपो और तिलक नगर मेन रोड पर दो लेन बसें लगाकर यातायात बाधित करने का भी प्रयास किया गया।
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100 से अधिक बसों में तोड़फोड़ का आरोप
डीटीसी के सूत्रों के मुताबिक, बस परिचालन शुरू कराने के लिए 2,700 चालकों को भेजा गया। लेकिन हड़ताली चालक संगठनों की तरफ से इन्हें बसों को चलाने से रोका जा रहा है। नंदनगरी, नांगलोई, वजीरपुर समेत दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में 100 से अधिक बसों में हड़ताली कर्मचारियों द्वारा तोड़फोड़ की गई।
