दिव्यांगों और ट्रांसजेंडरों के लिए दिल्ली सरकार की पहल, 5 से 10 किमी के दायरे में बनेगा UDID कार्ड
दिल्ली विधानसभा समिति ने दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड और प्रमाणपत्र प्रक्रिया को आसान बनाने पर चर्चा की, जिसमें घर के पास जांच सुविधा का प्रस्ताव है।

दिल्ली में यूडीआईडी कार्ड बनवाना होगा आसान। फोटो: सांकेतिक
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की समिति ने दिव्यांगजनों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जोड़ने के उपायों पर चर्चा की।
समिति के अध्यक्ष करनैल सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में UDID कार्ड और दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया आसान करने तथा जांच के लिए नजदीकी अस्पतालों में सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
घर के पास मिले जांच और प्रमाणपत्र की सुविधा
समिति ने सुझाव दिया कि दिव्यांगजनों को उनके घर से पांच से दस किलोमीटर के दायरे में जांच और प्रमाणपत्र बनवाने की सुविधा मिले, ताकि उन्हें दूर स्थित अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें।
UDID कार्ड बनवाने में लंबी प्रतीक्षा सूची की समस्या दूर करने और प्रक्रिया समयबद्ध बनाने की जरूरत भी उठाई गई।
दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने पर जोर
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने, शिक्षा के अवसर बढ़ाने और रोजगार से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। बैठक में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
जरूरतमंदों के लिए जेंडर री-असाइनमेंट सर्जरी जैसी चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने पर विचार किया गया। इसके अलावा, हेल्पलाइन मजबूत करने और प्रत्येक जिले में सहायता संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत बताई गई।
भेदभाव मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर
समिति ने इन वर्गों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, भेदभाव मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।
बैठक में कृष्णा नगर के विधायक डा. अनिल गोयल, विधायक हरीश खुराना, प्रेम चौहान और समाज कल्याण विभाग के निदेशक नीरज सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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