दिल्ली में अगले 9 दिनों तक 'जहरीली हवा' का अलर्ट, खराब श्रेणी में AQI; क्यों बिगड़ रहे हालात?
दिल्ली में ठंड शुरू होने से पहले वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। अभी अगले नौ दिनों तक ...और पढ़ें
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दिल्ली में प्रदूषण से अगले 9 दिनों तक राहत की उम्मीद नहीं है, जागरण आर्काइव
HighLights
दिल्ली में वायु गुणवत्ता अगले नौ दिन 'खराब' रहेगी।
कम हवा की गति प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण है।
वाहनों की हिस्सेदारी दिल्ली के प्रदूषण में सर्वाधिक है।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। शुक्रवार को राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 230 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में है।
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले नौ दिनों तक हवा की गुणवत्ता में खास सुधार की संभावना नहीं है। 26 अक्टूबर तक हवा 'खराब' श्रेणी में रहने का अनुमान है, जबकि इसके बाद के छह दिनों में भी स्थिति लगभग ऐसी ही बनी रह सकती है।
तीन केंद्रों पर 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंची हवा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के समीर ऐप के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 56 निगरानी केंद्रों में से तीन पर वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई। इनमें पूसा में सबसे अधिक 324 एक्यूआई रहा। वहीं 36 केंद्रों पर हवा 'खराब' और 17 केंद्रों पर 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज की गई।
क्यों बढ़ रहा प्रदूषण?
विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की गति कम होने और वातावरण में प्रदूषकों को फैलने के लिए पर्याप्त अनुकूल परिस्थितियां नहीं मिलने से प्रदूषण बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
पूर्वानुमान में वेंटिलेशन इंडेक्स छह हजार वर्ग मीटर प्रति सेकंड से कम और औसत हवा की गति 10 किमी प्रति घंटे से कम रहने को प्रदूषकों के फैलाव के लिए प्रतिकूल बताया गया है।
दिल्ली के प्रदूषण में विभिन्न स्रोतों की हिस्सेदारी
आईआईटीएम पुणे के निर्णय सहायता प्रणाली के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी सबसे अधिक 20.3 प्रतिशत है। इसके बाद पराली जलाने और आवासीय गतिविधियों का योगदान 5.1 प्रतिशत है। उद्योगों का योगदान 4.2 प्रतिशत है।
- निर्माण गतिविधियां 2.6 प्रतिशत
- ऊर्जा क्षेत्र 2.0 प्रतिशत
- कचरा जलाना 1.8 प्रतिशत
- सड़क की धूल 1.4 प्रतिशत
- अन्य क्षेत्र 1.3 प्रतिशत
- अन्य स्रोत 9.5 प्रतिशत
एनसीआर में गुरुग्राम सबसे आगे
दिल्ली के प्रदूषण में एनसीआर के जिलों की हिस्सेदारी में गुरुग्राम 8.8 प्रतिशत के साथ सबसे ऊपर रहा। इसके बाद झज्जर का 6.1 प्रतिशत और गौतमबुद्ध नगर का 4.7 प्रतिशत योगदान दर्ज किया गया। गाजियाबाद की हिस्सेदारी 3.7 प्रतिशत, सोनीपत की 3.5 प्रतिशत और फरीदाबाद की 3.3 प्रतिशत रही।
मौसम विभाग के अनुसार, सफदरजंग में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री और न्यूनतम 19.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
