दिल्ली में यमुना किनारे बनेगा 24 किमी लंबा साइकिल ट्रैक, 16 करोड़ होंगे खर्च; DDA ने जारी किया टेंडर
दिल्ली विकास प्राधिकरण यमुना किनारे 24 किमी लंबा साइकिल ट्रैक विकसित करेगा, जिसकी अनुमानित लागत 16 करोड़ रुपये है। यह ...और पढ़ें

यमुना किनारे बनेगा साइकिल ट्रैक। फोटो: एआई जनरेटेड
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना के पश्चिमी किनारे पर साइकिल चलाने और पैदल घूमने के लिए करीब 24 किलोमीटर लंबा ट्रैक विकसित करने की योजना है।
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने परियोजना के पहले चरण का टेंडर जारी कर दिया है। पूरी परियोजना की अनुमानित निर्माण लागत करीब 16 करोड़ रुपये है।
वजीराबाद से सराय काले खां तक बनेगा ट्रैक
योजना के तहत वजीराबाद के पास पुराने रेल पुल से सराय काले खां के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग-24 तक साइकिल ट्रैक और पैदल पथ बनाए जाएंगे। यह दिल्ली का सबसे लंबा साइकिल ट्रैक हो सकता है।
ट्रैक के साथ बड़े पैमाने पर हरियाली विकसित करने की भी योजना है। नदी किनारे 75 से 100 मीटर चौड़ा सार्वजनिक ग्रीनवे बनाया जाएगा। इसमें साइकिल चलाने, पैदल घूमने और हल्की मनोरंजक गतिविधियों के लिए जगह होगी।
52 किमी के यमुना कॉरिडोर को विकसित करने की योजना
डीडीए के अनुसार, दिल्ली के स्वीकृत मास्टर प्लान-2047 में यमुना को लोगों से जोड़ने और नदी किनारे उपलब्ध हरित व जल आधारित क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया गया है। इसी के तहत करीब 52 किलोमीटर लंबे यमुना कॉरिडोर को तीन चरणों में विकसित करने की योजना है।
इसका पहला चरण वजीराबाद से एनएच-24 तक होगा। प्रस्तावित साइकिल ट्रैक कॉरिडोर के विकास का हिस्सा है।
बाढ़ क्षेत्र के नियमों के अनुसार होगा निर्माण
साइकिल ट्रैक का निर्माण सक्रिय बाढ़ क्षेत्र से बाहर उन हिस्सों में किया जाएगा, जहां जरूरी मंजूरियों के बाद कुछ मनोरंजक गतिविधियों की अनुमति है। निर्माण में उन्हीं पदार्थों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिनकी यमुना के बाढ़ क्षेत्र में अनुमति है।
यह कॉरिडोर बांससेरा, कालिंदी जैव विविधता पार्क, असिता और यमुना वाटिका समेत नदी किनारे विकसित परियोजनाओं को आपस में जोड़ने में मदद करेगा।
यमुना रिवरफ्रंट विकसित करने की भी योजना
दिल्ली सरकार पहले ही गुजरात के साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर यमुना रिवरफ्रंट विकसित करने की योजना घोषित कर चुकी है। इसके तहत पैदल पथ, खेल मैदान और सार्वजनिक गतिविधियों के लिए जगह बनाने का प्रस्ताव है।
दिल्ली में यमुना करीब 52 किलोमीटर बहती है। इसमें वजीराबाद से ओखला के बीच का लगभग 22 किलोमीटर हिस्सा गंभीर प्रदूषण से प्रभावित है। नदी की सफाई और विकास की योजनाओं में यह हिस्सा लंबे समय से केंद्र में रहा है।
