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दिल्ली की हवा पर MCD में BJP बोली- 3-4 महीने लकड़ी से अंतिम संस्कार पर लगे रोक; प्रवेश वर्मा के इस्तीफे पर अड़ी AAP

Published: Tue, 29 Sep 2026 04:48 PM (IST)

MCD की बैठक में वायु प्रदूषण पर गंभीर चर्चा हुई, जहां AAP पार्षदों ने मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ हंगामा ...और पढ़ें

हंगामे के बीच सदन में दिल्ली की हवा सुधारने को लेकर विभिन्न पार्षदों ने अपने-अपने सुझाव रखे।

हंगामे के बीच सदन में दिल्ली की हवा सुधारने को लेकर विभिन्न पार्षदों ने अपने-अपने सुझाव रखे।

HighLights

  1. MCD बैठक में दिल्ली के बढ़ते वायु प्रदूषण पर गंभीर चर्चा हुई।

  2. लकड़ी से अंतिम संस्कार पर 3-4 महीने की रोक का सुझाव दिया गया।

  3. सड़कों पर अतिक्रमण और निर्माण सामग्री हटाने की मांग भी उठी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) सदन की बैठक के दौरान राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण के मुद्दे पर जोरदार चर्चा हुई। बैठक की शुरुआत में ही आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षदों ने दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग करते हुए हंगामा किया। इस हंगामे के बीच सदन में दिल्ली की हवा सुधारने को लेकर विभिन्न पार्षदों ने अपने-अपने सुझाव रखे।

चार महीने क्रीमेशन सेंटरों पर रोक की मांग

सदन में चर्चा के दौरान भाजपा पार्षद राजपाल सिंह ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए एक बड़ा सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए अगले तीन से चार महीनों के लिए सभी क्रीमेशन सेंटरों (दाह गृहों) पर लकड़ी के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाई जानी चाहिए।

राजपाल सिंह ने कहा, "इस अवधि के दौरान अंतिम संस्कार के लिए केवल बिजली और सीएनजी आधारित व्यवस्थाओं को ही बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इससे प्रदूषण के स्तर को कम करने में काफी मदद मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए निगम के संबंधित अधिकारियों को पूरी ईमानदारी और गंभीरता के साथ काम करना होगा।"

अतिक्रमण भी प्रदूषण की बड़ी वजह: मुकेश गोयल

भाजपा पार्षद मुकेश गोयल ने प्रदूषण के अन्य प्रमुख कारणों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि सड़कों पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित तरीके से रखा सामान भी हवा को जहरीली बना रहा है।

उन्होंने सदन में कहा, "सड़कों पर पड़ा बिल्डिंग मैटेरियल और अन्य निर्माण सामग्री खराब हालत में रहती है। जब वहां से वाहन गुजरते हैं, तो यह धूल उड़कर हवा में मिल जाती है और वायु प्रदूषण को बढ़ाती है। इसी प्रकार सड़कों के किनारे अव्यवस्थित तरीके से रखी सामग्री भी धूल का कारण बनती है। इन सभी पहलुओं पर निगम और सरकार को मिलकर सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है।"

बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायरों पर लगे पाबंदी: रितु गोयल

चर्चा को आगे बढ़ाते हुए भाजपा पार्षद रितु गोयल ने विशेष रूप से आने वाले चार महीनों के लिए सख्त कदम उठाने की वकालत की। उन्होंने सड़कों पर अवैध रूप से काबिज बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायरों पर कार्रवाई की मांग की।

रितु गोयल ने कहा, "जो सप्लायर सड़कों पर पूरी तरह अव्यवस्थित तरीके से बैठे हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। पूरे साल इस तरह सड़कों पर अतिक्रमण करके बैठने का कोई औचित्य नहीं है। यदि उनके पास कोई निर्धारित दुकान या वैध स्थान नहीं है, तो उन्हें सड़कों पर बैठने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। इन पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जानी चाहिए और इन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए।"

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