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साकेत हादसे में अब तक 5 की मौत, CM रेखा ने मजिस्ट्रियल जांच के दिए आदेश; अवैध बिल्डिंग्स पर भी कसेगा शिकंजा

Published: Sun, 31 May 2026 11:13 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 31 May 2026 12:59 PM (GMT+05:30)

दिल्ली के सैदुलअजाइब में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक पांच मंजिला इमारत ढहने से अब तक पांच लोगों की ...और पढ़ें

HighLights

  1. सैदुलअजाइब में पांच मंजिला इमारत ढही।

  2. हादसे में पांच लोगों की मौत, 12 बचे।

  3. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा किया।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलअजाइब में शनिवार शाम को हुए हादसे को लेकर सीएम रेखा गुप्ता एक्शन मोड में आ गई हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तुरंत कार्रवाई की गई और महरौली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) के नेतृत्व में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा, अधिकारियों को आस-पास की टूटी-फूटी और खतरनाक इमारतों की जांच करने और सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

सैदुलअजाइब में  एक पांच मंजिला इमारत ढहने से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोगों का एम्स में इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण किया।

सीएम रेखा गुप्ता ने इस हादसे को लेकर अधिकारियों से राहत व बचाव कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हादसे में अब तक 5 की मौत 

एम्स और सफदरजंग अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर मरने वालों की संख्या पांच हो गई। यह सभी अस्पताल में मृत अवस्था में लाए गए थे। एम्स में कुल 11 घायल लाए गए थे, इनमें तीन की मौत हो गई। 8 में से तीन को डिस्चार्ज कर दिया गया है, पांच घायलों का इलाज चल रहा है।

रिकॉर्ड के मुताबिक, एक मरीज मदन मोहन मालवीय हॉस्पिटल से रेफर होने के बाद सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था। मरीज को मृत अवस्था में लाया गया था। इस घटना से जुड़ा कोई दूसरा मरीज अब तक सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री ने सभी बिना इजाजत वाली इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है और संबंधित विभागों के सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

कैंटीन संचालिका पार्वती को ढूंढते हुए उनके भाई शेर सिंह व उनकी पत्नी एम्स अस्पताल के ट्रामा सेंटर में पहुंचे। शेरसिंह ने बताया कि उन्हें रात 8 बजे घटना की जानकारी मिली थी। जिसके बाद से वह अपनी बहन को तलाश कर रहे थे। पार्वती के दो बच्चे हैं, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं।

इमारत के पास मौजूद से थे 70-80 लोग

स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के समय इमारत व आसपास कुछ विदेशी छात्रों सहित 70-80 लोग मौजूद थे। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि अब एक-दो लोग ही फंसे हो सकते हैं। साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट स्थित सैदुलअजाइब इलाके में करीब 400 वर्ग गज में 15 साल पहले दो मंजिला इमारत बनाई गई थी। धीरे-धीरे निर्माण होता गया और इन दिनों पांचवीं मंजिल के ऊपर एक और तल का निर्माण कार्य चल रहा था। यह इमारत कर्मवीर जेलर नामक शख्स की बताई जा रही है।

इस भवन में अराइज कोचिंग, पीजी, कैफे और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। अवकाश होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग बाहर चले गए थे। जो लोग बचे थे, उनमें भी ज्यादातर लोग आसपास मौजूद कैफे, रेस्तरां या कहीं और गए हुए थे।

लाइब्रेरी में मौजूद लोग चपेट में आए

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, पांच मंजिला इमारत के बगल में पोर्टा केबिन स्ट्रक्चर में एक महिला की कैंटीन है। घटना के समय ज्यादातर लोग कैंटीन में खाना खा रहे थे, जबकि कुछ लोग इमारत के भूतल स्थित लाइब्रेरी में थे। ऊपरी मंजिलों पर कोई नहीं था। इसी बीच शाम करीब साढ़े सात बजे इमारत ढह गई और मलबा गिरने से खाना खा रहे लोग व लाइब्रेरी में मौजूद लोग चपेट में आ गए। ये सभी लोग कैंटीन वाले क्षेत्र से निकाले गए हैं।

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सभी घायलों को एम्स में भर्ती कराया गया है। एम्स की ओर से कहा गया कि यहां 10 मरीज आए हैं, जिनमें तीन की हालत गंभीर है। उनका इलाज किया जा रहा है। छह मरीज घायल हैं, लेकिन स्थिर हैं और निगरानी में हैं। बताया कि दो को मृत लाया गया।