आस्था कुंज में बरामद कंडोम खोल रहा दरिंदगी का राज, शिकार की तलाश में घात लगाए रहता था गैंग
दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म पूर्व-नियोजित था। आरोपित आसिफ, हेमंत और मुकेश ...और पढ़ें

साकेत कोर्ट में पेश करने के लिए आरोपी मुकेश को ले जाती पुलिस। जागरण
HighLights
पूर्व-नियोजित हमला, कंडोम बरामद
आरोपितों के पुराने कई मामले
दोस्त की हिम्मत से गिरफ्तारी
मुहम्मद रईस, दक्षिणी दिल्ली। आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म अचानक हुई घटना नहीं थी। बल्कि दुष्कर्मियों के गैंग ने घात लगाकर बेहद शातिराना तरीके से इसे अंजाम दिया। इसकी पुष्टि घटनास्थल से बरामद कंडोम कर रहे हैं।
आरोपितों का पिछले दो-तीन वर्षों से पार्क में आना-जाना था और कोने-कोने से वाकिफ भी थे। पुलिस पूछताछ में भी आया कि आरोपित आसिफ, हेमंत और मुकेश पहले भी सामूहिक दुष्कर्म की चार से पांच वारदात को अंजाम दे चुके हैं।
हालांकि उन मामलों में लोकलाज, डर व अन्य कारणों के चलते पीड़िताओं की ओर से शिकायत न मिलने पर आरोपितों के हौसले बढ़ते गए और वे दुष्कर्म की एक के बाद एक वारदात अंजाम देते रहे।
कालकाजी मंदिर में दर्शन करने पहुंची थी किशोरी
कालकाजी मंदिर में अपने जन्मतिथि पर दर्शन को पहुंची फरीदाबाद निवासी किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार आरोपित आसिफ प्याज बेचने से पहले ओखला मंडी में ही चाय बेचता था। बाद में मंडी के बिजनेस में हाथ आजमाते हुए प्याज बेचना शुरू किया। शाम के समय वह अक्सर आस्था कुंज पार्क में जान-पहचान के कुछ लड़कों के साथ क्रिकेट खेलने जाया करता था।
बाकी दोनों आरोपित हेमंत और मुकेश भी पड़ोस में श्रीनिवासपुरी से पार्क में आते थे। क्रिकेट खेलने के दौरान तीनों में दोस्ती हुई। आसिफ कुछ समय पुलिस का मुखबिर भी रहा। इसके चलते पुलिसिया तौर-तरीके और अंदाज को अच्छी तरह जानता है।
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इसी के चलते वहा नाबालिगों पर रौब जमाता और उन्हें अर्दब में लेता, जबकि वकील होने के नाते हेमंत उन्हें कानूनी दांव में फंसाने की धमकी देता था। आरोपित हेमंत और मुकेश सगे भाई हैं और मूलरूप से फरीदाबाद के रहने वाले हैं।
घटना वाली शाम भी आरोपितों ने पीड़िता व उसके नाबालिग दोस्त को अर्दब में लेकर अलग किया। फिर पीड़िता को डराकर नर्सरी वाले सुनसान इलाके में ले गए। बारी-बारी दुष्कर्म करने के बाद आरोपितों ने उपयोग किया कंडोम वहीं फेंक दिया था।
दोस्त की सूझबूझ और हिम्मत से दुष्कर्मी गैंग का किया पर्दाफाश
पिछले कई मामलों की तरह दुष्कर्मी गैंग 21 सितंबर की रात भी सामूहिक दुष्कर्म की वारदात के बाद आश्वस्त था। पीड़िता और उसके दोस्त को जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़िता उनकी मौजूदगी में तो चुप ही रही, पर आरोपितों के वहां से जाते ही उसने दोस्त को अपने साथ हुई दरिंदगी बता डाली।
नाबालिग दोस्त ने खामोश रहने की बजाय दुष्कर्मियों का सजा दिलाने की ठानी। उसने तुरंत पीसीआर काल कर पुलिस को सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी दी। पीड़िता को ढांढस बंधाया और अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित भी किया।
दोनों की सूझबूझ और हिम्मत के चलते न जाने कितने बच्चियों के साथ हैवानियत करने वाला दुष्कर्मी गैंग अब सलाखों के पीछे है।
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