DDCA की अंडर-19 टीम चयन पर सवाल, Yo-Yo टेस्ट में फेल खिलाड़ी चुने; शॉर्टलिस्ट से बाहर नाम भी शामिल
दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) की वीनू मांकड़ अंडर-19 टीम के चयन पर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि ...और पढ़ें

डीडीसीए की वीनू मांकड़ अंडर-19 टीम के चयन पर उठे सवाल। फाइल फोटो
HighLights
यो-यो टेस्ट में फेल पांच खिलाड़ियों को टीम में मिली जगह।
आर्यन शर्मा शॉर्टलिस्ट में न होने पर भी टीम में शामिल हुए।
अच्छा प्रदर्शन करने वाले मोहक कुमार को टीम से बाहर रखा।
लोकेश शर्मा, नई दिल्ली। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) की वीनू मांकड़ अंडर-19 टीम के चयन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। 16 सदस्यीय टीम में ऐसे पांच खिलाड़ियों को जगह दी गई है, जो यो-यो फिटनेस टेस्ट में निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर सके।
इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि टीम में शामिल आर्यन शर्मा का नाम यो-यो टेस्ट के लिए जारी 69 खिलाड़ियों की शार्टलिस्ट में भी नहीं था। ऐसे में चयन प्रक्रिया में फिटनेस टेस्ट और शार्टलिस्टिंग के मानकों को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
योयो टेस्ट में हुए फेल, फिर भी टीम में मिली जगह
वीनू मांकड़ अंडर-19 टीम में धन्या नकरा, उदय चावला, रुद्र देव यादव और पार्थ राज यो-यो टेस्ट में असफल रहे थे। इसके बावजूद इन्हें अंतिम टीम में शामिल किया गया है।
वहीं आर्यन शर्मा को शार्टलिस्ट किए गए 69 खिलाड़ियों में जगह नहीं मिली थी, लेकिन वह 16 सदस्यीय टीम में शामिल हैं। ऐसे में सवाल है कि जब खिलाड़ियों के चयन के लिए फिटनेस टेस्ट और शार्टलिस्टिंग को आधार बनाया गया था तो बाद में किन मानकों के तहत इन खिलाड़ियों का चयन हुआ।
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दूसरी ओर, तीन मैचों के ट्रायल में लगातार प्रभावी प्रदर्शन करने वाले मोहत कुमार को टीम में जगह नहीं दी गई। मोहक ने तीन ट्रायल मैचों में क्रमश: 75, 75 और 50 रन बनाए। वह अंडर-16 स्तर पर दिल्ली के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों में रहे हैं।
अंतिम चरण में चयन प्रक्रिया के मापदंड पर सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि डीडीसीए की चयन प्रक्रिया में अंतिम चयन का वास्तविक मापदंड क्या है? यदि यो-यो टेस्ट अनिवार्य फिटनेस मानक है तो उसमें असफल खिलाड़ियों को किस आधार पर टीम में जगह दी गई और यदि चयन में अन्य मानदंड भी हैं तो उन्हें सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
इससे खिलाड़ियों के भविष्य और चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। इस मामले में डीडीसीए के सचिव अशोक शर्मा से वाट्सएप और काल पर बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
