दिल्ली में 50 साल पुरानी असुरक्षित सोसायटियों का होगा पुनर्विकास, DDA बढ़ाएगा FAR; सिंगल विंडो की भी तैयारी
दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) 50 साल से अधिक पुरानी और संरचनात्मक रूप से असुरक्षित ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के पुनर्विकास की ...और पढ़ें

दिल्ली में 50 साल से ज्यादा पुरानी और संरचनात्मक रूप से असुरक्षित ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के पुनर्विकास का रास्ता आसान करने की तैयारी है। एआई इमेज
HighLights
दिल्ली में 50 साल पुरानी असुरक्षित सोसायटियों का पुनर्विकास होगा।
DDA मास्टर प्लान-2047 के तहत FAR बढ़ाने पर चर्चा।
पुनर्विकास प्रक्रिया के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की मांग।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में 50 साल से ज्यादा पुरानी और संरचनात्मक रूप से असुरक्षित ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के पुनर्विकास का रास्ता आसान करने की तैयारी है।
मास्टर प्लान-2047 के प्रविधानों को लागू करने से पहले डीडीए ने आरडब्ल्यूए और कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के साथ चौथे दौर की बैठक में पुराने आवासीय परिसरों के पुनर्विकास और उनकी सुरक्षा पर चर्चा की।
इसमें ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी), एफएआर, प्रोत्साहन एफएआर और घनत्व के युक्तिकरण जैसे प्रावधानों पर विस्तार से बात हुई।
कई विषयों पर की गई चर्चा
डीडीए के अनुसार, एमपीडी-2047 के तहत प्रस्तावित पुनर्विकास ढांचे का उद्देश्य पुराने आवासीय क्षेत्रों में उपलब्ध जमीन का बेहतर इस्तेमाल करते हुए अधिक आवासीय इकाइयां, बेहतर पार्किंग और अधिक खुले स्थान उपलब्ध कराना है। इसके लिए आसपास के भूखंडों को मिलाने, सड़क नेटवर्क, पार्किंग, खुले स्थान, सतत विकास और कचरा प्रबंधन से जुड़े प्रविधानों पर भी चर्चा हुई।
एफएआर बढ़ाने और सिंगल विंडो की मांग
बैठक में आवासीय सोसायटियों के प्रतिनिधियों ने पुनर्विकास को व्यावहारिक बनाने के लिए अधिक एफएआर की अनुमति देने की मांग रखी। इसके साथ ही अलग-अलग एजेंसियों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की जरूरत बताई गई।
पुराने भवनों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्ट्रक्चरल सेफ्टी आडिट कराने का सुझाव भी दिया गया। डीडीए ने बताया कि पुनर्विकास करने वाली हाउसिंग सोसायटियों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए समयबद्ध शिकायत निवारण व्यवस्था का भी प्रावधान रखा गया है।
उद्योगों को डीडीए की जमीन देने पर भी चर्चा
डीडीए ने मंगलवार को पांचवें दौर की बैठक में उद्योग और वाणिज्यिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ एमपीडी-2047 के तहत औद्योगिक विकास से जुड़े प्रविधानों पर चर्चा की। इसमें सीआईआई, फिक्की, पीएचडी चैंबर, एसोचैम और डीएसआईआईडीसी के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में उद्योगों को बढ़ावा देने, निजी क्षेत्र को डीडीए की जमीन उपलब्ध कराने और संस्थागत सामाजिक जिम्मेदारी (आइएसआर) ढांचे पर चर्चा हुई। डीडीए ने इन प्रविधानों और उनके तहत प्रस्तावित व्यवस्था की जानकारी उद्योग प्रतिनिधियों को दी।
तीन महीने चलेगा संवाद
डीडीए के मुताबिक, ये बैठकें एमपीडी-2047 के प्रविधानों को लेकर अलग-अलग हितधारकों की शंकाएं दूर करने और उनके सुझाव लेने के लिए चलाए जा रहे तीन महीने के आउटरीच कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
अब तक हुए दौर में डीडीए अधिकारियों ने प्रविधानों पर सवालों और चिंताओं का जवाब दिया है और हितधारकों से सुझाव लिए हैं। डीडीए का कहना है कि इस संवाद का उद्देश्य एमपीडी-2047 का समन्वित और सहभागी तरीके से प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
