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दिल्लीवालों को नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तर के चक्कर, अब घर बैठे मिलेगा DDA का लैंड यूज प्लान; क्या होगा फायदा?

Published: Tue, 29 Sep 2026 08:48 PM (IST)

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने मास्टर प्लान दिल्ली-2047 का लैंड यूज प्लान अब जीआईएस आधारित डिजिटल मैप के रूप में ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया है।

मास्टरप्लान दिल्ली-2047 के लैंड यूज प्लान को जीआईएस आधारित इंटरैक्टिव डिजिटल मैप के रूप में ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया है। प्रतीकात्मक तस्वीर

मास्टरप्लान दिल्ली-2047 के लैंड यूज प्लान को जीआईएस आधारित इंटरैक्टिव डिजिटल मैप के रूप में ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया है। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. डीडीए ने मास्टर प्लान 2047 का लैंड यूज प्लान ऑनलाइन किया।

  2. जीआईएस आधारित डिजिटल मैप से घर बैठे भू-उपयोग देखें।

  3. पारदर्शिता बढ़ेगी, सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने मास्टर प्लान दिल्ली-2047 (एमपीडी-2047) के लैंड यूज प्लान को जीआईएस आधारित इंटरैक्टिव डिजिटल मैप के रूप में ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया है। अब लोग घर बैठे किसी इलाके या संपत्ति का निर्धारित भू-उपयोग देख सकेंगे। इसके लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने या किसी तीसरे पक्ष पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही, इस सुविधा से पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

प्रत्येक श्रेणी को अलग रंग से दर्शाया गया

डीडीए की वेबसाइट के ‘मास्टर प्लान फाॅर दिल्ली-2047’ खंड में उपलब्ध इस नक्शे पर किसी स्थान, क्षेत्र या संपत्ति को खोजकर प्लाॅट स्तर तक जूम किया जा सकता है। इससे संबंधित संपत्ति और उसके आसपास के क्षेत्र के प्रस्तावित भू-उपयोग की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

डिजिटल मैप में नौ प्रमुख भू-उपयोग श्रेणियां शामिल हैं। इनमें आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, मनोरंजन, परिवहन, उपयोगिता, सरकारी, सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक सुविधाएं तथा कृषि एवं जल निकाय शामिल हैं। प्रत्येक श्रेणी को अलग रंग से दर्शाया गया है।

डिजिटल मैप को होता रहेगा अपडेट

इसके अलावा मैप पर लैंड पूलिंग क्षेत्र, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) जोन, द्वारका सब-सिटी, रोहिणी प्रोजेक्ट लेआउट, पीएम-उदय कॉलोनियां और डीडीए पार्क जैसी अलग-अलग परतें भी देखी जा सकती हैं। इससे किसी क्षेत्र में विभिन्न नियोजन योजनाओं की स्थिति समझने में मदद मिलेगी।

मैप में दूरी और क्षेत्रफल जैसी जानकारी मापने तथा अपनी जरूरत के अनुसार नक्शे पर निशान या स्केच बनाने की सुविधा भी है। डीडीए के अनुसार, नई जानकारी उपलब्ध होने के साथ इस डिजिटल मैप को अपडेट किया जाता रहेगा।

जानकारी उपलब्ध होने से पारदर्शिता बढ़ेगी

डीडीए का कहना है कि इससे नागरिकों के साथ योजनाकारों, पेशेवरों, सरकारी एजेंसियों और अन्य हितधारकों को भी लाभ होगा। एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भू-उपयोग और नियोजन संबंधी जानकारी उपलब्ध होने से पारदर्शिता बढ़ेगी।

वहीं, नियमित जानकारी के लिए कार्यालय जाने की जरूरत घटेगी और विकास व बुनियादी ढांचे से जुड़े आकलन में आसानी होगी। यह व्यवस्था अमृत और पीएम गति शक्ति जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के साथ विभिन्न एजेंसियों के स्थानिक आंकड़ों को जोड़ने में भी मददगार होगी।

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