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WFH, दोगुनी पार्किंग चार्ज और वाहनों पर रोक! दिल्ली में कंस्ट्रक्शन और दफ्तरों के लिए बने सख्त नियम, किसे नहीं मिलेगा फ्यूल?

Published: Tue, 29 Sep 2026 05:44 PM (IST)Updated: Tue, 29 Sep 2026 06:10 PM (IST)

दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर से 28 फरवरी 2027 तक प्रदूषण से निपटने के लिए विंटर एक्शन प्लान लागू किया ...और पढ़ें

दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने बनाए नियम (AI Image)

दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने बनाए नियम (AI Image)

HighLights

  1. 1 नवंबर से 50% सरकारी-निजी कर्मचारियों के लिए WFH अनिवार्य।

  2. प्रदूषण रोकने हेतु पार्किंग शुल्क दोगुना, बिना PUC वाहन को ईंधन नहीं।

  3. दिल्ली में BS-6 से नीचे के बाहरी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| अक्टूबर के बाद से गुलाबी ठंड के आगाज के साथ ही दिल्ली की हवा में प्रदूषण घुल कर भी आ जाता है। दिल्ली का एयर पल्यूशन दुनियाभर में सुर्खियों में रहता है। सरकार की ओर से लगातार हवा की क्वालिटी में सुधार के उपाय किए जा रहे हैं। अब सरकार ने विंटर एक्शन प्लान के तहत 1 नवंबर से 28 फरवरी 2027 तक के लिए कई नियम बनाए हैं, जो सीधे आम लोगों से जुड़े हैं। आइए जानते हैं नवंबर से किन चीजों पर सख्ती लागू है।

50% कर्मचारी WFH

दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर से 28 फरवरी तक राजधानी के सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करना आवश्यक कर दिया है। इस दौरान केवल आधे कर्मचारी ही दफ्तर आएंगे, शेष कर्मचारी घर से काम करेंगे। आवश्यक सेवाओं को इससे छूट रहेगी।

दोगुना होगा पार्किंग चार्ज

दिल्ली में रोजाना लाखों गाड़ियों सड़कों पर दौड़ती हैं, इसमें वाहनों का दबाव और ट्रैफिक कम करने के लिए पार्किंग चार्ज को बढ़ाकर दोगुना किया जाएगा हालांकि इसमें मेट्रो पार्किंग को छूट दी गई है। इसके साथ ही, नगर निगम के कार्यालय सुबह 8:30 से 5:00 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:00 से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे।

इन वाहनों को नहीं मिलेगा फ्यूल

प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने सख्ती दिखाई है। अब ईंधन पंप पर बिना वैध पल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) के तेल या गैस नहीं भरा जाएगा। इसकी जांच डिजिटल डेटाबेस (एनपीआर और वाहन पोर्टल) से की जाएगी। सरकार का ये नियम केवल सर्दियों के लिए नहीं बल्कि पूरे साल लागू रहेगा।

BS-6 से नीचे के बाहरी वाहनों पर रोक

दिल्ली सरकार ने बाहरी वाहनों के लिए कड़ी सख्ती दिखाई है। बता दें कि 1 नवंबर से 28 फरवरी तक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-6 से नीचे की कैटेगरी वाले वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी। अगर आप दिल्ली से बाहर के हैं और आपका वाहन BS-6 से नीचे की श्रेणी में आता है तो उसे राजधानी में एंट्री नहीं मिलेगी। CNG, इलेक्ट्रिक और आपातकालीन वाहनों को इस नियम से छूट मिलेगी।

अन्य प्रतिबंधित काम

सर्दी के दिनों में दिल्ली का प्रदूषण सुर्खियों में रहता है। हमेशा पटाखों और पराली जलाने को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है, लेकिन वाहनों और कंट्रक्शन से हो रहे प्रदूषण पर भी सख्ती दिखाई गई है। सरकार ने वाहनों के लिए कई नियम लागू किए हैं। इसके अलावा 1 नवंबर से 31 जनवरी तक के लिए तोड़-फोड़ और धूल उठने वाले कंट्रक्शन पर भी रोक लगा दी है।

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10 दिसंबर से 20 जनवरी तक महा-प्रतिबंध के तहत प्रदूषण की सबसे संवेदनशील अवधि को देखते हुए इस दौरान निर्माण पर सबसे सख्त नियम लागू होंगे। इस अवधि में निर्माण सामग्री (रेत, बजरी, सीमेंट आदि) लाने वाले बाहरी वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर रोक रहेगी।