GST नहीं भरा तो तुरंत बंद हो जाएगा बिजनेस? छोटे कारोबारियों के लिए नियम रजिस्ट्रेशन रद होने का नियम
जीएसटी न भरने पर तुरंत कारोबार बंद नहीं होता, लेकिन लगातार नियमों की अनदेखी से जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द या सस्पेंड ...और पढ़ें

GST नोटिस के नियम (AI Image)
HighLights
लगातार नियमों की अनदेखी से जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है।
विभाग पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब का मौका देता है।
सस्पेंशन अवधि में टैक्स योग्य सप्लाई व चालान जारी नहीं होंगे।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| देश में लाखों छोटे कारोबारी, दुकानदार, स्टार्टअप और सर्विस प्रोवाइडर GST के दायरे में आते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि अगर GST नहीं भरा या रिटर्न दाखिल नहीं की तो क्या उनका बिजनेस बंद हो जाएगा? बता दें कि लगातार नियमों की अनदेखी करने पर GST रजिस्ट्रेशन रद्द या सस्पेंड हो सकता है, जिससे कारोबार चलाने में बड़ी परेशानी आ सकती है। आइए समझते हैं क्या है नियम?
GST नहीं भरने पर तुरंत बिजनेस बंद हो जाएगा?
अधिकांश छोटे कारोबारी GST फाइलिंग के नियमों में उलझ जाते हैं। बता दें कि GST नहीं भरने पर सरकार तुरंत किसी दुकान या कारोबार को बंद नहीं करती। हालांकि, यदि कोई कारोबारी GST रिटर्न फाइल नहीं करता, टैक्स जमा नहीं करता या लगातार नियमों का उल्लंघन करता है तो विभाग उसके GST रजिस्ट्रेशन को रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर सकता है। इससे वह व्यक्ति कानूनी रूप से GST चालान जारी नहीं कर पाएगा और न ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ भी नहीं ले सकेगा।
किन मामलों में रद्द हो सकता है GST रजिस्ट्रेशन?
कारोबारियों और सर्विस प्रोवाइडर्स की CGST Act की धारा 29 के तहत GST विभाग कुछ परिस्थितियों में रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकता है। इनमें लगातार रिटर्न फाइल न करना, नियमों का उल्लंघन करना, फर्जी जानकारी देकर रजिस्ट्रेशन लेना या वॉलेंट्री रजिस्ट्रेशन लेने के बाद कारोबार शुरू न करना शामिल है।
छोटे कारोबारियों के लिए क्या है नियम?
कंपोजिशन स्कीम के तहत आने वाले कारोबारियों ने यदि निर्धारित समय तक रिटर्न फाइल नहीं की तो उनके खिलाफ रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है। वहीं सामान्य GST टैक्सपेयर्स के मामले में लगातार रिटर्न न भरने पर विभाग नोटिस जारी कर सकता है और आगे चलकर रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है।
कार्रवाई से पहले नोटिस मिलेगा?
कारोबारियों की सबसे बड़ी चिंता ये है कि अगर टैक्स फाइलिंग के नियमें में गड़बड़ी की तो तत्काल रजिस्ट्रेशन रद या अन्य तरह की कार्रवाई हो सकती है। बता दें कि GST विभाग सीधे रजिस्ट्रेशन रद नहीं करता। अधिकारी पहले कारण बताओ नोटिस जारी करते हैं और कारोबारी को जवाब देने का मौका दिया जाता है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता तो रजिस्ट्रेशन रद किया जा सकता है।
रजिस्ट्रेशन सस्पेंड होने पर क्या होगा?
GST नियमों के अनुसार यदि विभाग को लगता है कि रजिस्ट्रेशन रद किया जा सकता है तो जांच पूरी होने तक रजिस्ट्रेशन सस्पेंड भी किया जा सकता है। सस्पेंशन की अवधि में कारोारी टैक्स योग्य सप्लाई नहीं कर सकता और GST चालान जारी करने में दिक्कत आती है।
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यदि रजिस्ट्रेशन रिटर्न न भरने के कारण रद हुआ है तो लंबित रिटर्न दाखिल करने, बकाया टैक्स, ब्याज, जुर्माना और लेट फीस जमा करने के बाद रद्दीकरण वापस लेने (Revocation) के लिए आवेदन किया जा सकता है।
