दिल्ली में 1,941 करोड़ की परियोजनाओं से ढांचागत विकास को मिली रफ्तार, कनेक्टिविटी भी होगी बेहतर
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में 1,941 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास ...और पढ़ें
HighLights
अमित शाह ने दिल्ली में 1,941 करोड़ रुपये की परियोजनाएं सौंपीं।
बारापुला फेज-3 और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन किया गया।
परियोजनाओं से दिल्ली में यातायात सुगम होगा, कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत दिल्ली को 1,941 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं सौंपीं। उन्होंने नौ साल की देरी से तैयार हुए बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कारिडोर और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन किया। साथ ही मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी रोड गोल चक्कर अंडरपास का शिलान्यास किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भविष्य की याेजनाओं पर नजर डालते हुए कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बेहतर समन्वय से राजधानी में आधुनिक और नागरिक केंद्रित ढांचागत विकास को गति मिल रही है। इसके साथ ही सीएम ने दिल्ली का विकास रोकने का आरोप लगाते हुए पूर्व की आप सरकार पर भी निशाना साधा।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, सांसद रामबीर सिंह बिधूड़ी और लाेक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
परियोजनाओं से अलग-अलग क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से अलग-अलग क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम होगा, यातायात का दबाव कम होगा और लोगों के समय की बचत होगी। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि ये परियोजनाएं दिल्ली की संपर्क व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
पूर्वी-दक्षिणी दिल्ली की कनेक्टिविटी मजबूत होगी
बता दें कि बारापुला से पूर्वी-दक्षिणी दिल्ली की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। करीब 10.9 किलोमीटर लंबे बारापुला फेज-3 को मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जोड़ा गया है। इसमें नौ लूप के साथ पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए सुविधाएं हैं। इससे मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां होते हुए दक्षिण दिल्ली और एम्स तक सिग्नल मुक्त आवागमन बेहतर होगा।
मुकरबा अंडरपास में दो वाहन और एक पैदल यात्री अंडरपास है। इससे बादली और रोहिणी से आजादपुर व जहांगीरपुरी जाने वाले वाहनों को सीधे मार्ग मिलेगा। रोजाना करीब 15,800 वाहनों को लाभ मिलने का अनुमान है।
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