BRICS Summit ने बदली कनॉट प्लेस की तस्वीर, लौटी 80 के दशक की रौनक; अब फिर अतिक्रमण का डर
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान कनाट प्लेस अतिक्रमण मुक्त रहा, जिससे व्यापारियों और विदेशी मेहमानों ने सुकून महसूस किया। अब व्यापारी ...और पढ़ें

रेहड़ी पटरी के अतिक्रमण मुक्त कनाट प्लेस के इनर सर्किल में आवागमन करते लोग। जागरण
HighLights
ब्रिक्स के दौरान कनाट प्लेस अतिक्रमण मुक्त, व्यापारियों ने सराहा।
अवैध रेहड़ी-पटरी वालों के लौटने का डर, व्यापारी चिंतित।
एनडीटीए ने उपराज्यपाल से सीपी की शांति बनाए रखने की गुहार।
नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान लुटियंस दिल्ली के साथ दिल्ली का दिल ऐतिहासिक कनाट प्लेस (सीपी) का नजारा पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। अतिक्रमण, अवैध रेहड़ी-पटरी वालों, भिखारियों और बेघरों से मुक्त कनाट प्लेस ने व्यापारियों को 80 के दशक के उस दौर की याद दिला दी, जब यह बाजार अपनी भव्यता, स्वच्छता और सुकून के लिए जाना जाता था।
सम्मेलन में आए विदेशी मेहमानों ने भी इस अतिक्रमण मुक्त माहौल का भरपूर आनंद लिया, जमकर खरीदारी की और स्थानीय रेस्त्रां में भारतीय व्यंजनों का स्वाद चखा। रविवार को भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
अतिक्रमण लौटने की आशंका
स्थानीय व्यापारियों व रेस्त्रां संचालकों ने इस माहौल को ऐतिहासिक बताते हुए खुशी जताई कि शानदार सीपी में उन्हें विदेशी मेहमानों के आथित्य का मौका मिला, लेकिन इसके साथ ही अब उन्हें फिर से अतिक्रमण के लौटने का डर सताने लगा है।
व्यापारियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कनाट प्लेस को नो हाकिंग और नो वेंडिंग जोन घोषित करने के उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद फिर से अवैध वेंडर्स का कब्जा शुरू न हो जाए।
व्यापारियों के प्रमुख संगठन नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) ने इस स्थिति को बेहद गंभीर मानते हुए मोर्चा संभालना शुरू कर दिया है।
मामले में उसने उपराज्यपाल, दिल्ली पुलिस और एनडीएमसी के साथ ही स्थानीय सांसद बांसुरी स्वराज व स्थानीय विधायक व दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा से अपील की है, जिसमें आग्रह किया है कि सीपी की शांति और खूबसूरती को फिर से बर्बाद न होने दिया जाए।
ब्रिक्स पहले करीब 500 से 800 अवैध रेहड़ी-पटरी वालों का कब्जा रहता है। जिसके चलते लोगाें को पैदल चलने तक में परेशानी होती है।
स्थिति पर लगातार नजर
एनडीटीए के एक प्रतिनिधि का कहना है कि यदि उच्च न्यायालय के आदेशों को दरकिनार कर अवैध हाकिंग की वापसी होती है, तो यह कनाट प्लेस के व्यापार और बुनियादी ढांचे के लिए भारी नुकसान साबित होगा।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अगर ऐसा दोबारा होता है तो इसे व्यवस्था की पूरी तरह विफलता और भ्रष्टाचार का चरम माना जाएगा। वे लोग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। एक प्रतिनिधि ने नाम न छपने की शर्त पर बताया कि इस स्थिति में इंटरनेट मीडिया पर मुहिम शुरू करेंगे।
अतिक्रमण मामले में पहले से ही हाई कोर्ट में कोर्ट की अवमानना का मामला लंबित है, जिसमें ब्रिक्स व ब्रिक्स के बाद की स्थिति की तस्वीर साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत की जाएगी।
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