कनॉट प्लेस के कारोबारियों की पीएम मोदी, राहुल गांधी और केजरीवाल को चिट्ठी; रेस्तरां मालिक ने मांगा मुआवजा
लुटियंस दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों से हुए नुकसान के लिए एक रेस्तरां मालिक ने मुआवजे की मांग करते हुए याचिका दायर ...और पढ़ें

हर दिन गुलजार रहने वाले कनॉट प्लेस में प्रदर्शनों के चलते सन्नाटा सा पसर गया है। फाइल फोटो
HighLights
रेस्तरां मालिक ने विरोध-प्रदर्शनों से हुए नुकसान पर मांगा मुआवजा।
व्यापारियों ने पीएम मोदी, राहुल गांधी, केजरीवाल से समाधान मांगा।
दिल्ली में प्रदर्शनों से कारोबार को भारी नुकसान का आकलन।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। विरोध-प्रदर्शन का केंद्र बनी लुटियंस दिल्ली के कारण हो रहे नुकसान की कानूनी लड़ाई अब तेज हो रही है। स्ट्रीट वेंडर के बाद अब एक रेस्तरां मालिक ने याचिका दायर की है। रेस्तरां मालिक ने विरोध-प्रदर्शनों के कारण हुए नुकसान के लिए मुआवजा देने का निर्देश देने की अदालत से मांग की है।
याचिका में यह भी निर्देश देने की मांग की गई है कि अदालत पुलिस को इस तरह के विरोध-प्रदर्शन की सभा करने अनुमति न देने और इसे रोके। वहीं, प्रदर्शनों की राजधानी बनने से चिंतित व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल से गुहार लगाकर इसका समाधान निकालने की अपील की है।
10 अक्टूबर से अब तक हुए नुकसान की भरपाई की मांग
शुक्रवार को इस मामले का उल्लेख अधिवक्ता उमंग त्यागी ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे व संजय शर्मा की पीठ के समक्ष किया गया। इस पर पीठ ने याचिका को प्रकरण से जुड़ी अन्य याचिकाओं के साथ सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता आयुष चोपड़ा ने याचिका में कहा कि कनाॅट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क से कुछ दूरी पर उनका मीनार नामक रेस्तरा है और वह इसे एक जुलाई 2017 से संचालित कर रहे हैं। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि लंबे समय से एक के बाद एक हो रहे प्रदर्शन जारी रहे तो उनकाे व अन्य दुकानदारों को भारी नुकसान होगा।
उन्होंने यह भी मांग की है कि 10 अक्टूबर के आंदोलन के दौरान याचिकाकर्ता और अन्य प्रभावित लोगों को जो नुकसान हुआ है और इसका आकलन किया जाए और जिम्मेदार लोगों से उन्हें मुआवजा दिलाया जाए।
पूरी दिल्ली में लगभग दो हजार करोड़ के नुकसान का आकलन
याचिका में कहा गया कि इस तरह के जमावड़े से कनाॅट प्लेस के व्यापारियों पर बुरा असर पड़ता है और यह संविधान के अनुच्छेद 19(एक)(जी) और 21 के तहत उनके अधिकार का उल्लंघन है।
याचिका में कहा गया कि 10 अक्टूबर 2026 को अनुमति न मिलने के बावजूद जंतर-मंतर पर एक कार्यक्रम आयोजित करने के कारण कनाॅट प्लेस की दुकानें बंद रहीं और नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अनुसार उस दिन कनाॅट प्लेस को 150 से 200 करोड़ रुपये और चेंबर आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के अनुसार पूरी दिल्ली में लगभग दो हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
याचिका में कहा गया कि व्यापारियों को हुए नुकसान की भरपाई होनी चाहिए। यह भी तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी विरोध-प्रदर्शन से नुकसान होता है, तो हाई कोर्ट इसके आकलन के लिए कोई व्यवस्था बना सकता है।
सीजेएम, पीएम, राहुल गांधी और केजरीवाल से की मांग
दिल्ली में नियमित हो चले राजनीतिक प्रदर्शनों, चक्का जाम और यातायात प्रतिबंधों से दिल्ली के व्यापारी बेहद चिंतित हैं। त्योहारी और विवाह सीजन को देखते हुए व्यापारी संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को एक खुला पत्र लिखा है। पत्र में 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली में सभी राजनीतिक प्रदर्शनों को स्थगित करने की मांग की गई है।
रोजाना आने वाले ग्राहकों का आना हुआ कम
व्यापारी संगठन भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने लिखे पत्र में कहा कि बार-बार बंद होने वाले मेट्रो स्टेशनों, चक्का जाम और रूट डायवर्जन से बाजारों तक ग्राहकों और माल की आवाजाही ठप हो जाती है। सोनीपत, गुरुग्राम, नोएडा आदि एनसीआर शहरों से रोजाना आने वाले ग्राहकों का आवागमन बाधित हो रहा है।
संगठन के प्रतिनिधियों हेमन्त गुप्ता, राकेश यादव और प्रदीप गुप्ता ने लिखे पत्र में कहा कि आवागमन में व्यवधान से दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 250 करोड़ रुपये का व्यापारिक नुकसान होता है। बिक्री घटने का सीधा असर दिहाड़ी मजदूरों, ट्रांसपोर्टरों और कर्मचारियों के वेतन तथा दुकान के किराये जैसे वित्तीय दायित्वों पर पड़ता है।
