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दिल्ली विरोध प्रदर्शन: AISA की नेहा बोरा हुईं रिहा, अभिजीत दीपके की आज मजिस्ट्रेट के सामने होगी पेशी

Published: Sat, 17 Oct 2026 06:58 AM (IST)Updated: Sat, 17 Oct 2026 07:45 AM (IST)

दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा को शनिवार तड़के रिहा कर दिया गया, जबकि दीपके को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) अदालत के समक्ष पेश किया जाना है।

AISA की नेहा बोरा हुईं रिहा, अभिजीत दीपके की आज मजिस्ट्रेट के सामने होगी पेशी

AISA की नेहा बोरा हुईं रिहा, अभिजीत दीपके की आज मजिस्ट्रेट के सामने होगी पेशी

HighLights

  1. दीपके को आज विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) अदालत के समक्ष पेश किया जाना है

  2. नेहा बोरा ने कहा कि कानून-व्यवस्था की हर तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके और अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसए) की अध्यक्ष नेहा बोरा को 16 अक्टूबर की शाम को हिरासत में लिया गया था।

बोरा को शनिवार तड़के रिहा कर दिया गया, जबकि दीपके को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) अदालत के समक्ष पेश किया जाना है।

रिहाई के बाद नेहा बोरा ने कहा कि कानून-व्यवस्था की हर तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आम नागरिकों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाता है जैसे वे कोई बहुत बड़े अपराधी हों। यह चलन लंबे समय से चला आ रहा है।

मौजूदा आंदोलन ने साफ कर दिया है कि लोगों को दिन हो या शाम, हिरासत में लेकर पूरी रात रखा जाता है और अगले दिन सुबह या शाम को छोड़ा जाता है। किस अधिकार या कानून के तहत इसे जायज ठहराया जा सकता है? खासकर महिलाओं को सूर्यास्त के बाद रिहा कर दिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।

उन्होंने आगे कहा कि एक नया नैरेटिव फैलाया जा रहा है, अराजकता और अव्यवस्था का। कैसी अराजकता? वही, जो सेंट्रल दिल्ली में पैदा की गई है। दिल्ली के लोग चैन की सांस भी नहीं ले पा रहे। जिस भी रास्ते से काम पर जाते हैं, वह बंद मिलता है। आप पूरे देश में अराजकता फैला रहे हैं। कृपया भारत के लोगों को बख्श दें। ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाएं और एसआईआर को रोकें, ताकि आम नागरिक चैन से रह सकें और उनके मतदान के अधिकार सुरक्षित रहें।

नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका नाम, पता और अन्य विवरण मांगे, लेकिन काफी देर तक उन्हें बोलने या वकील से बात करने नहीं दिया। उनके वकीलों ने 5-6 घंटे तक संपर्क करने की कोशिश की। जब किसी तरह फोन मिला, तब जाकर मिलने की अनुमति दी गई। उन्होंने कहा कि पुलिस लंबे समय से ऐसी हरकतें करती आ रही है।