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CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को क्या आज मिलेगी बेल? कभी अपराधी को बना रहे जमानती तो कभी गलत दे रहे पेपर्स

Published: Wed, 21 Oct 2026 10:19 AM (IST)

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका सात दिनों से जेल में हैं, जिनकी जमानत ...और पढ़ें

सीजेपी के आशुतोष रांका और सौरव दास को बुधवार को तीसरी बार कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। फाइल फोटो

सीजेपी के आशुतोष रांका और सौरव दास को बुधवार को तीसरी बार कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। फाइल फोटो

HighLights

  1. सौरव दास और आशुतोष रांका सात दिन से जेल में।

  2. सीजेपी द्वारा पेश जमानती अपराधी निकले, दबाव में बयान।

  3. आज मंदिर मार्ग कोर्ट में तीसरी बार जमानत सुनवाई।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका बीते सात दिनों से जेल में कैद हैं। उनके संगठन की ओर से बार-बार यह दावा किया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस की ओर से जान-बूझकर दोनों की जमानत में बाधा डाली जा रही है।

बुधवार दोपहर दोनों को मंदिर मार्ग स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया जाएगा। संगठन वाले पुरजोर प्रयास का दावा कर रहे हैं। हालांकि, अब तक की दो बार की जमानती प्रक्रिया की असफलता के सीजेपी वाले ही जिम्मेदार हैं।

सौरव और रांका को दोनों बार क्यों नहीं मिली जमानत? 

जानकारी के अनुसार, सीजेपी ने अब तक कुल चार जमानतियों को कोर्ट के सामने पेश किया है। मगर उन चारों में से दो तो पहले से ही अपराधी पाए गए थे, वहीं दो अन्य ने माना कि उन्हें दबाव देकर जमानत के लिए राजी कराया गया है। उनके दस्तावेज भी भ्रम पैदा करने वाले थे।

दो अपराधियों को ही बना दिया जमानती

बता दें कि बुधवार को सौरव और रांका की दो दिन की न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म हो रही है। बुधवार दोपहर करीब दो बजे दाेनों को मंदिर मार्ग स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया जाएगा। 13 अक्टूबर को जंतर मंतर पर घुसने पर ट्रेस पास की धारा में गिरफ्तार किए जाने पर दोनों के बांड में दो अपराधियों को ही जमानती बना दिया गया था।

सीजेपी के वकीलों को क्यों मांगनी पड़ी माफी

दरअसल, सौरव और रांका की जमानत के लिए जिन दो लोगों को 50/50 के निजी मुचलके पर जमानती बनाया गया था, उनके खिलाफ उत्तम नगर और अन्य थाने में दो दो मुकदमे दर्ज पाए गए। कोर्ट द्वारा दोनों के वकीलों से पूछने पर उन्होंने गलती मानी। इसके लिए सीजेपी नेताओं के वकीलों ने कोर्ट से माफी मांगी थी।

बांड में नहीं दी पूरी जानकारी

उसके बाद पांच दिन की जेल काटने पर जब दाेनों को पेश किया गया तब भी, सीजेपी के वकीलों ने दो ऐसे जमानती पेश किए, जिनके आधार कार्ड और बांड पर लगाए गए फोटो से दोनों का मिलान ही नहीं हुआ। दोनों के मोबाइल नंबर भी बांड में नहीं लिखा गया।

जमानतियों ने मजिस्ट्रेट के सामने कुबूला सच

शक होने पर मजिस्ट्रेट ने जब सभी को कमरे से बाहर निकाल कर महिला और एक तीरथ नाम के जमानती को बारी-बारी से कोर्ट में बुलाकर पूछताछ की तब भी विरोधाभासी जानकारी मिली। कोर्ट ने जब सौरव दास और आशुतोष रांका के बारे में पूछा कि वे इनको कब से जानते हैं तो उन्होंने चार साल से जानने की बात बताई।

इनके घर और पिता आदि के नाम और अन्य जानकारी पूछे जाने पर वे नहीं बता पाए। कोर्ट में उन्होंने साफ बोला कि नेताओं के दबाव में आकर वे इनकी जमानत के लिए तैयार हो गए हैं। आज भी अगर दोनों के सही जमानती पेश न कर पाने पर कोर्ट इन्हें तीसरी बार भी जेल भेज सकती है।

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