दिल्ली के 9 औद्योगिक क्षेत्रों का होगा कायाकल्प, CM रेखा गुप्ता ने 170 करोड़ की विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभ
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 9 औद्योगिक क्षेत्रों में 170 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों का शुभारंभ किया है। इन विकास कार्यों से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

सीएम रेखा गुप्ता, जागरण आर्काइव।
HighLights
9 औद्योगिक क्षेत्रों में 170 करोड़ के विकास कार्य शुरू।
सड़क निर्माण, जल निकासी और भूमिगत डक्ट्स का विकास होगा।
दिल्ली की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, रोजगार बढ़ेंगे।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। प्रदेश सरकार ने राजधानी के औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 170 करोड़ रुपये की लागत से नौ औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्यों का शुभारंभ किया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीरागढ़ी स्थित उद्योग नगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन परियोजनाओं की शुरुआत की, जिसके तहत लगभग 15 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं सुधार तथा जल निकासी के लिए करीब 34 किलोमीटर स्टार्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा।
नहीं होगी फंड की कमी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक विकास के लिए फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और दिल्ली के किसी भी औद्योगिक क्षेत्र को विकास से अछूता नहीं रखा जाएगा। इन परियोजनाओं में अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट्स (सड़कों या ज़मीन के नीचे बनाए गए विशेष कंक्रीट के पाइप, चैनल या सुरंग) भी बनाए जाएंगे।
जिससे भविष्य में बिजली, पानी और टेलीकाम कार्यों के लिए बार-बार सड़क खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी, जलभराव खत्म होगा और यातायात सुचारु होने से वायु प्रदूषण में कमी आएगी।
इन इलाकों में चलाया जाएगा विकास कार्य
इस अवसर पर उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पिछले 25 वर्षों से औद्योगिक क्षेत्रों की हुई उपेक्षा को खत्म करते हुए अब केवल नई सड़कें ही नहीं बनाई जाएंगी, बल्कि उनके नियमित रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह विकास कार्य उद्योग नगर, जीटीके उद्योग नगर, नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया, लारेंस रोड, रामा रोड, डीएलएफ, मोती नगर, नांगलोई जाट तथा एस-ब्लाक, ओखला फेज-2 में शुरू किए जा रहे हैं। सरकार का यह प्रयास दिल्ली की अर्थव्यवस्था को गति देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और व्यापारियों को एक आधुनिक व स्वच्छ वातावरण प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।
