'विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक, दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही', पौधारोपण कार्यक्रम में बोलीं रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में विकास और पर्यावरण को समान प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार ने ...और पढ़ें
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को पौधारोपण किया।
HighLights
विकास और पर्यावरण को दिल्ली में समान प्राथमिकता।
दिल्ली सरकार का 22,236 करोड़ रुपये का ग्रीन बजट।
2026-27 तक 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि विकास एवं पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। राजधानी में स्वच्छ परिवहन, व्यापक हरित क्षेत्र, आधुनिक आधारभूत संरचना और वैज्ञानिक पर्यावरण प्रबंधन को समान प्राथमिकता दी जा रही है। दिल्ली सरकार ने इस वर्ष के बजट में भी 22,236 करोड़ रुपये के ग्रीन बजट का प्रविधान कर पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, वन विकास एवं हरित अवसंरचना को पूरी तवज्जो दी है।
राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का विस्तार, रिज क्षेत्रों का संरक्षण, देशी प्रजातियों का वैज्ञानिक रोपण, वायु गुणवत्ता में सुधार, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल आज की आवश्यकताओं को पूरा करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसी राजधानी का निर्माण करना है, जहां स्वच्छ हवा, हरित क्षेत्र, सुरक्षित परिवहन, आधुनिक नागरिक सुविधाएं और सतत विकास एक साथ आगे बढ़ें।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने बेल पत्र का पौधा लगाया। कहा कि पहली बार दिल्ली के वनों के लिए फारेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट देहरादून द्वारा वैज्ञानिक वर्किंग प्लान तैयार किया गया है, जिसे केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया है। असोला भाटी वन्यजीव अभयारण्य की संशोधित प्रबंधन योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
70 लाख पौधारोपण से ग्रीन दिल्ली का संकल्प होगा साकार
दिल्ली सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए ‘मिशन 70 लाख पौधारोपण अभियान’ का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रत्येक पौधे के संरक्षण, निगरानी और उसके वृक्ष बनने तक की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इस अभियान के माध्यम से राजधानी में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन बनाया जाएगा, जिसमें स्कूल, कालेज, विश्वविद्यालय, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), स्वयंसेवी संगठन, धार्मिक संस्थाएं, औद्योगिक प्रतिष्ठान, सरकारी विभाग, सुरक्षा बल और आम नागरिक सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
इसके साथ ही 12 लाख से अधिक पौधों का निःशुल्क वितरण भी किया जाएगा ताकि प्रत्येक परिवार पर्यावरण संरक्षण से सीधे जुड़ सके। इस अभियान के तहत दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल हरित क्षेत्र बढ़ाना नहीं, बल्कि यहां की पारिस्थितिकी को वैज्ञानिक आधार पर पुनर्जीवित करना है।
पंचवटी वन, ऋषि वन, नक्षत्र वन आदि बनेंगे
रिज क्षेत्रों में आठ नए जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भूजल पुनर्भरण, मिट्टी की नमी और वनस्पतियों के दीर्घकालिक संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नागरिकों को प्रकृति से जोड़ने और पर्यावरणीय शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पंचवटी वन, नक्षत्र वन, बेल वन, ऋतु वन, ऋषि वन, तीर्थंकर वन, वामन वृक्ष वन और कुरानी वाटिका सहित आठ थीम आधारित वनों का विकास किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग करते हुए प्रत्येक पौधे की जियो टैगिंग, डिजिटल मानिटरिंग और नियमित फील्ड निरीक्षण किया जाएगा ताकि लगाए गए पौधों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा तथा पंकज कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
