'खेल के मैदान में दिखती है मिनी इंडिया की तस्वीर...' गाजियाबाद में बोले उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गाजियाबाद में विद्या भारती के 37वें अखिल भारतीय खेलकूद समारोह का समापन किया।

मंच से बोलते सीएम धामी। जागरण
HighLights
CM धामी ने गाजियाबाद में खेलकूद समारोह का समापन किया।
खेलों को राष्ट्रभावना और अनुशासन का सशक्त माध्यम बताया।
युवाओं को बड़े सपने देखने और अभ्यास करने को कहा।
शाहनवाज अली, गाजियाबाद। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल का मैदान देश की विविधताओं को एक सूत्र में जोड़ने का सशक्त माध्यम है। यहां अलग-अलग भाषाएं, वेशभूषा और परिवेश होने के बावजूद सभी खिलाड़ी एक भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं।
खेल के मैदान में मिनी इंडिया की तस्वीर दिखाई देती है। खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, धैर्य, सहयोग और राष्ट्रभावना विकसित करने का भी अवसर है।
बुधवार को गाजियाबाद पुलिस लाइन में विद्या भारती के 37वें अखिल भारतीय खेलकूद समारोह के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया और समारोह के समापन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में देशभर से आए खिलाड़ियों की भागीदारी एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करती है।
731 से ज्यादा विद्यार्थियों ने लिया भाग
एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में 731 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआइ) में विद्या भारती को राज्य इकाई के रूप में मान्यता मिलना भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस प्रतियोगिता से चयनित खिलाड़ी आगे एसजीएफआइ की प्रतियोगिताओं में विद्या भारती का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्या भारती शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के शारीरिक और नैतिक विकास पर भी ध्यान दे रही है। प्रतियोगिता की नियमित दिनचर्या में प्रातः जागरण, प्रार्थना, व्यायाम और सामूहिक गतिविधियां विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, आत्मनिर्भरता और आपसी सहयोग की सीख देती हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1952 में गोरखपुर के पहले सरस्वती शिशु मंदिर से शुरू हुई विद्या भारती की यात्रा आज व्यापक शैक्षिक अभियान बन चुकी है। देशभर में 25 हजार से अधिक शिक्षण संस्थानों के माध्यम से 34 लाख से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार दिए जा रहे हैं। उत्तराखंड में भी करीब 562 विद्यालयों में सवा लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
'हमेशा देखिए बड़े सपने'
उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही जीवन के लक्ष्यों और कर्तव्यों की पूर्ति का आधार है। खेल में जीत विनम्रता सिखाती है, जबकि हार अपनी कमियों को पहचानकर दोबारा प्रयास करने की प्रेरणा देती है। पेरिस पैरालंपिक 2024 में रजत पदक जीतने वाले निशांत कुमार की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने खिलाड़ियों से बड़े सपने देखने और नियमित अभ्यास करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहल से देश में खेल संस्कृति को नई पहचान मिली है। अब छोटे गांवों और सामान्य परिवारों के खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने खिलाड़ियों को पढ़ाई, संस्कार और खेल के बीच संतुलन बनाए रखने तथा जीत-हार से परे खेल भावना का सम्मान करने का संदेश दिया। अंत में उन्होंने आयोजन समिति, पदाधिकारियों, आचार्यों और प्रशिक्षकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
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