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एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर छूटे दीपके, सौरभ और आशुतोष रांका... दिल्ली की कोर्ट का आदेश

Published: Sun, 11 Oct 2026 10:48 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 11 Oct 2026 11:08 AM (GMT+05:30)

कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को कोर्ट ने रिहा कर दिया है। उधर, ...और पढ़ें

कोर्ट से रिहा दीपके, सौरभ और आशुतोष रांका।

कोर्ट से रिहा दीपके, सौरभ और आशुतोष रांका।

HighLights

  1. कॉकरोच जनता पार्टी के तीन नेताओं को कोर्ट से राहत

  2. दिल्ली में प्रदर्शन के बाद हटाए गए प्रतिबंध, सड़कें खुलीं।

  3. जंतर मंतर पर आज फिर प्रदर्शन, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को कोर्ट ने रिहा कर दिया है। मजिस्ट्रेट ने तीनों को रिहा करने का आदेश दिया है।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को BNSS की धारा 126/170 के तहत एहतियातन गिरफ्तार किया गया। सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और उन्हें 11.10.2026 को SEM कोर्ट दिल्ली कैंट के सामने पेश किया गया।

शांति और अच्छा व्यवहार बनाए रखने के लिए एक साल की अवधि के लिए 50,000 रूपये का जमानत बॉन्ड भरा गया और उन्हें SEM कोर्ट ने रिहा कर दिया।

दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए

जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को प्रिवेंटिव अरेस्ट (एहतियाती गिरफ्तारी) में रखा गया था। लेकिन, बाद में रविवार को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

CJP के कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि उन्हें इस शर्त पर रिहा किया गया कि वे एक साल तक "शांति भंग" नहीं करेंगे।

इससे पहले रविवार सुबह पुलिस ने बताया था कि CJP नेताओं को दिल्ली पुलिस ने तब हिरासत में लिया, जब उनकी फ्लाइट राजधानी में उतरी।

BNSS की धारा के तहत हुई कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, CJP नेताओं के खिलाफ BNSS की धारा 126 (शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा) और 170 (संज्ञेय अपराधों को रोकने के लिए गिरफ्तारी) के तहत कार्रवाई की गई।

तीनों नेताओं को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अभिजीत, सौरव और आशुतोष को रिहा कर दिया है।"

शनिवार को CJP नेताओं को तब हिरासत में लिया गया, जब दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और 7,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग जगहों पर हिरासत में लिया गया, जिससे वे जंतर-मंतर नहीं पहुंच पाए।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार समेत विपक्ष के कई नेताओं को भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया।

CJP ने रविवार को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अपनी अपील फिर से दोहराई है, जबकि पुलिस ने शहर में 30,000 से ज़्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात करके सुरक्षा के कड़े इंतजाम जारी रखे हैं।

CJP और विपक्षी पार्टियां वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही हैं।