चांदनी चौक टाउन हॉल बनेगा दिल्ली का नया पर्यटन केंद्र, 36 माह में होगा कायाकल्प
दिल्ली सरकार और नगर निगम चांदनी चौक स्थित 160 साल पुराने टाउन हॉल को 36 माह में पर्यटन केंद्र के ...और पढ़ें
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दिल्ली सरकार और नगर निगम चांदनी चौक स्थित 160 साल पुराने टाउन हॉल को 36 माह में पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेंगे। इमेज एआई
निहाल सिंह, नई दिल्ली। 160 साल पुराने चांदनी चौक स्थित टाउन हाल के सुधार और इसे पर्यटन केंद्र में विकसित करने के लिए फिर नई योजना सामने आई है। इस बार दिल्ली सरकार और नगर निगम इसे सुधाकर पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करेंगे। साथ ही इसे अपनी आय का साधन भी बनाएंगे।
इसको लेकर दिल्ली सरकार और नगर निगम में ही उच्चस्तरीय बैठक में सैद्धातिक सहमति बन गई है। अब लिखित सहमति के लिए प्रस्ताव आने वाले दिनों में स्थायी समिति की बैठक में आएगा। प्रस्ताव के तहत टाउन हाल का सुधार चरणबद्ध तरीके से होगा। साथ ही इसे पर्यटन हब बनाने के लिए पूरी कार्ययोजना 36 माह की होगी।
प्रस्ताव के अनुसार सुधार का कार्य चार चरण में 36 माह में होगा। इसमें इसमें संरक्षण की योजना बनाना, मरम्मत व सुंदरीकरण का कार्य, अंदर का काम (फिट-आउट) और इसे चालू करने का कार्य शामिल है। निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहला चरण (1-8 माह) का होगा।
इसमें संरचना और संरक्षण का आकलन करने, सलाह-मशविरा करने और तीन-पक्षीय समझौते के लिए होगा। दूसरे चरण में (9-20 माह) का समय निर्धारित होगा। इसमें संरक्षण प्रबंधन योजना और वित्तीय माडल को लागू करना का कार्य शामिल होगा। जबकि तीसरे चरण के तहत 21-30 माह में गैलरी तैयार करने, प्रदर्शनी विकसित करने और आपरेशन स्टाफ प्रशिक्षण देने के लिए होगा। आखिर में चौथे चरण के तहत 33 वें माह में इसको शुरू करने का कार्य किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सीएम रेखा गुप्ता ने पिछले माह दिल्ली सरकार के बजट भाषण में टाउन हाल परिसर के सुधार और इसे एक वैश्विक विरासत केंद्र बनाने की घोषणा की थी। इसमें राष्ट्रीय राजधानी की कला, संस्कृति और खान-पान को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
निगमायुक्त द्वारा स्थायी समिति को भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि टाउन हाल एमसीडी की संपत्ति है और 160 पुरानी ग्रे-1 की संरक्षित इमारत है। इसमें 1866 से 2012 तक निगम के मुख्यालय भी संचालित हुआ था।
एमसीडी के प्रस्ताव में कहा गया है कि इसके लिए दिल्ली सरकार से एमसीडी ने संपर्क किया था। दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम से इसको लेकर कार्य करेगा। निगम इस पर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करेगा। लेकिन दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम को इसमें टिकट, फूड कोर्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए किराये पर दिए जाने से राजस्व प्राप्त होगा उसमें निगम का भी हिस्सा होगा।
बता दें कि टाउन हाल को पहले भी आइजीएनसीए के साथ मिलकर विकसित करने की योजना एमसीडी ने बनाई थी लेकिन निगम की वह योजना अब सिरे नहीं चढ़ पाएगी।
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