CAQM की 127वीं बैठक: एनसीआर में प्रदूषण पर सख्ती दिखाते हुए 1743 इकाइयों पर अब तक गिरी गाज, तय किए नए निर्देश
सीएक्यूएम की 127वीं बैठक में 19 फरवरी से 13 मार्च तक एनसीआर में वायु प्रदूषण पर प्रवर्तन कार्रवाइयों की समीक्षा ...और पढ़ें

बैठक में एनसीआर में 19 फरवरी से 13 मार्च तक कुल 16 दिनों में किए गए प्रवर्तन और निरीक्षणों की समीक्षा की गई।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एनसीआर में व्याप्त वायु प्रदूषण को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) व प्रवर्तन कार्य बल (ईटीएफ) की 127वीं बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। इस बैठक में एनसीआर में 19 फरवरी से 13 मार्च तक कुल 16 दिनों में किए गए प्रवर्तन और निरीक्षणों की समीक्षा की गई। बैठक में आयोग की फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा प्रमुख क्षेत्रों में निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी), औद्योगिक क्षेत्र, सड़क धूल तथा डीजल जनरेटर (डीजी) सेट से संबंधित उल्लंघनों सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए निरीक्षणों की विस्तृत समीक्षा की गई।
उक्त 16 दिवसों में कुल 79 निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त हुईं। इसके अतिरिक्त 14 इकाइयों के लिए बंद करने का प्रस्ताव किया गया है, 27 इकाइयों के डीजल जनरेटर सेट सील करने का प्रस्ताव किया गया है तथा 20 इकाइयों को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किए गए हैं। प्रवर्तन कार्य बल ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया। साथ ही, गैर-अनुपालक इकाइयों द्वारा प्रारंभिक निरीक्षण रिपोर्ट जारी होने के पांच दिनों के भीतर उसका जवाब दाखिल करने पर जोर दिया गया।
बैठक में यह तय किया गया कि फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों की संख्या बढ़ानी होगी, सीपीसीबी के अधिकारियों तथा एसपीसीबी/डीपीसीसी के अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिये या एसपीसीबी/डीपीसीसी के प्रतिनिधित्व के अभाव में न्यूनतम दो अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की जाए ताकि निरीक्षण तंत्र को मजबूत किया जा सके।
16 दिनों की इस अवधि में कार्य बल ने सड़क धूल प्रबंधन से संबंधित सेक्टोरल प्रवर्तन कार्रवाइयों की भी समीक्षा की। इसमें एमसीडी, एनडीएमसी, पीडब्ल्यूडी, डीडीए, डीएसआईआईडीसी, डीसीबी तथा एनएचएआई जैसी विभिन्न एजेंसियों द्वारा संचालित जोनों में किए गए निरीक्षण शामिल थे। जांच के दौरान उल्लंघन मिलने पर दोषी एजेंसियों को एससीएन जारी किए गए तथा सुधारात्मक उपाय शुरू किए गए।
आंकड़े बताते हैं कि अब तक आयोग की फ्लाइंग स्क्वॉड द्वारा कुल 26,498 इकाइयों/परियोजनाओं/संस्थाओं का निरीक्षण किया गया। इन निरीक्षणों के आधार पर गैर-अनुपालन के लिए 1,743 बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इनमें से 1,317 इकाइयों के अनुपालन सत्यापन के बाद पुनः शुरू करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। 123 मामलों को संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (एसपीसीबी)/दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को अंतिम निर्णय के लिए हस्तांतरित किया गया है, जबकि शेष 303 इकाइयों के पुनः शुरू करने के आदेश उचित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण की जा रही हैं।
यह भी पढ़ें- दिल्ली की हवा सुधारने के लिए 22 नई तकनीकें तैयार, प्रदूषण हॉटस्पॉट पर जल्द शुरू होगा ट्रायल
यह भी पढ़ें- दिल्ली की हवा बनी 'साइलेंट किलर', COVID-19 से 16 गुना ज्यादा घातक; सामने आया खौफनाक सच
यह भी पढ़ें- दिल्ली की हवा फिर ‘बहुत खराब’, AQI 305 के पार-मुंडका सबसे प्रदूषित; कई इलाकों में 300 से ऊपर
