BRICS से दिल्ली-NCR में कारोबार की बहार, होटल 100% बुक; लग्जरी कैब की मांग 40% बढ़ी
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने दिल्ली की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और बाजारों को महत्वपूर्ण बढ़ावा दिया है। सम्मेलन के कारण होटल, टैक्सी ...और पढ़ें

अग्रसेन की बावली में भ्रमण करने पहुंचे विदेशी मेहमान। जागरण
HighLights
होटलों में 95-100% बुकिंग, राजस्व में 30-35% वृद्धि।
टैक्सी सेवाओं की मांग 40% बढ़ी, आय में 25-30% उछाल।
पर्यटन स्थलों पर विदेशी पर्यटकों की आवाजाही 50% बढ़ी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का सकारात्मक प्रभाव केवल कूटनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा और बड़ा लाभ दिल्लाी की अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को भी मिला है।
सम्मेलन में भाग लेने आए सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों, विदेशी प्रतिनिधियों, व्यापारिक मंडलों और मीडिया प्रतिनिधियों की भारी मौजूदगी से दिल्ली-एनसीआर के होटल उद्योग, टैक्सी सेवाओं, पर्यटन स्थलों और स्थानीय बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली।
रविवार शाम तक भले ही ब्रिक्स सम्मेलन संपन्न हो गया। उसके बाद भी कनाट प्लेस व खान मार्केट के साथ ही दोपहर में लालकिला, प्रधानमंत्री संग्रहालय, शिल्प बाजार समेत अन्य स्थान विदेशी मेहमानों से गुलजार रहे। यहीं हाल होटलों का भी रहा।
होटल व ट्रैवल कारोबार गुलजार
दिल्ली होटल महासंघ के अध्यक्ष अजय अग्रवाल के अनुसार, लुटियंस दिल्ली और एयरोसिटी स्थित लगभग सभी पंचतारा और उससे नीचे के होटलों में कमरे पूरी तरह बुक रहे।

सम्मेलन के चलते कमरों की 95 से 100 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे इनके राजस्व में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 30 से 35 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके साथ ही कैटरिंग और इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों को भी बड़े पैमाने पर कारोबार मिला है। इसी तरह, विदेशी मेहमानों और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के कारण लग्जरी टैक्सी आपरेटरों और टूर-ट्रैवल एजेंसियों की मांग में भारी इजाफा देखा गया।
इंडियन टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश सहरावत के अनुसार, विशेषकर मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और आडी जैसी प्रीमियम श्रेणियों के साथ-साथ लग्जरी टूरिस्ट बसों की मांग में 40 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।

एयरपोर्ट ट्रांसफर से लेकर लोकल साइटसीइंग के लिए कैब एग्रीगेटर्स और प्राइवेट टैक्सी चालकों की दैनिक आय में 25 से 30 प्रतिशत का उछाल आया। सम्मेलन के औपचारिक कार्यक्रमों के इतर विदेशी मेहमानों ने राजधानी और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों का रुख किया।
कुतुब मीनार, लाल किला, हुमायूं का मकबरा, और अक्षरधाम मंदिर में विदेशी पर्यटकों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में 50 प्रतिशत तक बढ़ी।
इस क्रम में दिल्ली-एनसीआर के अलावा बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने ताज महल देखने के लिए आगरा का भी रुख किया, जिससे अंतरराज्यीय टूरिज्म को भी बढ़ावा मिला।
बिक्री में रिकॉर्ड उछाल
कनाट प्लेस, खान मार्केट, दिल्ली हाट और चांदनी चौक जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में हस्तशिल्प, भारतीय पारंपरिक परिधान, मसाले और स्मारकों (स्मृति चिन्हों) की बिक्री में रिकार्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई।
चैंबर आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआइ) के चेयरमैन बृजेश गोयल के अनुसार, विदेशी मेहमानों ने भारतीय शिल्पकला और मेड इन इंडिया उत्पादों में गहरा रुझान दिखाया।

आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि ब्रिक्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से न केवल देश की वैश्विक साख मजबूत होती है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर अर्थव्यवस्था में वृद्धि लाने का काम करता है।
सेवा क्षेत्र, पर्यटन और खुदरा बाजार में आई यह तेजी आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी एक सकारात्मक माहौल तैयार कर रही है।
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