'क्लीन चिट नहीं, घड़ियाली आंसू', केजरीवाल के बरी होने पर BJP का हमला; कहा- नीति वापस क्यों ली, साक्ष्य क्यों नष्ट?
दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और अन्य के बरी होने के बावजूद भाजपा ने उन पर हमला जारी ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। आबकारी नीति में भ्रष्टाचार के आरोपों से अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित अन्य आरोपितों के बरी होने के बावजूद भाजपा नेताओं का राजनीतिक प्रहार जारी है। उनका कहना है आप नेताओं को बताना चाहिए कि यदि आबकारी नीति में भ्रष्टाचार नहीं हुआ था तो जांच शुरू होते ही अरविंद केजरीवाल सरकार ने इस नीति को वापस क्यों ले लिया था?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा आप नेता दिल्ली की जनता के गुनाहगार हैं। बरी होने का मतलब, 'क्लीन चिट' नहीं। ट्रायल कोर्ट का फैसला अंतिम सत्य नहीं है, बल्कि यह केवल कानूनी प्रक्रिया का एक हिस्सा है। सच्चाई का फैसला होकर रहेगा, इसलिए केजरीवाल घड़ियाली आंसू न बहाएं।
'हमें न्यायिक व्यवस्था पर पूरा विश्वास'
उन्होंने कहा कि हम अदालत के निर्णयों का आदर करते हैं। इस फैसले को ‘क्लीन चिट’ बताकर आप नेता जनता को गुमराह कर रहे हैं। अदालत ने अपने आदेश में ‘साक्ष्य के अभाव’ की बात कही है। साक्ष्य पर्याप्त न होना और पूरी तरह बेगुनाह होना दो अलग बातें हैं। कानून की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। उच्च अदालतें साक्ष्यों की फिर से जांच करेंगी और तथ्य सामने आएंगे। हमें न्यायिक व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। दिल्ली की जनता ने अपना राजनीतिक फैसला पहले ही दे दिया है।
लाइसेंस संरचना में ऐसे बदलाव क्यों किए गए?
उन्होंने प्रश्न किया कि अगर आबकारी नीति राजस्व बढ़ाने वाली थी, तो जांच शुरू होते ही उसे वापस क्यों लिया गया? थोक मुनाफा पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत क्यों किया गया और इससे लाभ किसे हुआ? लाइसेंस संरचना में ऐसे बदलाव क्यों किए गए, जिन पर गंभीर सवाल उठे? किन परिस्थितियों में यह बदलाव किए गए और उनका वास्तविक लाभार्थी कौन था? जांच के दौरान यह भी सामने आया कि लगभग 200 दिनों की अवधि में 160 से 170 मोबाइल फोन बदले गए। इतनी बड़ी संख्या में फोन बदलने की आवश्यकता क्यों पड़ी? इन प्रश्नों का जवाब केजरीवाल को देना चाहिए।
जनता ने अपना फैसला सुना दिया
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अपने फैसले में साक्ष्य का अभाव बताया है। जांच एजेंसी भी इस बात को बार-बार दोहराती रही है कि आप नेताओं ने साक्ष्य नष्ट कर दिए हैं। नष्ट किए गए सिम कार्ड, मोबाइल फोन का विवरण नहीं मिला। आप को सत्ता से बेदखल कर दिल्ली की जनता ने अपना फैसला सुना दिया है।
बच्चों को शराबी बनाने की कोशिश
दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि भ्रष्टाचारी साक्ष्य नष्ट करके कानून को अधिक देर तक भ्रमित नहीं कर सकते हैं। दिल्ली की महिलाओं को सच्चाई मालूम है कि उनके बच्चों को शराबी बनाने की कोशिश की गई। व्यापारियों को भी पता है जिनके साथ कमीशन का खेल खेला गया। केजरीवाल के आंसू की जांच करानी चाहिए। प्रदेश मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा की दिल्ली की जनता भलीभांति जानती है कि आप नेताओं ने कुछ अधिकारियों एवं शराब ठेकेदारों के साथ मिलकर एक बड़ा घोटाला किया है।
