करोड़ों का डबल डेकर फ्लाईओवर भी बेअसर? दिल्ली के भजनपुरा में अतिक्रमण से यात्री परेशान, जाम से नहीं मिली राहत
दिल्ली का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर, जो करोड़ों की लागत से बन रहा है, भजनपुरा में अतिक्रमण के कारण जाम की समस्या से जूझ रहा है।

दिल्ली के भजनपुरा डबल डेकर फ्लाईओवर पर अतिक्रमण का साया
HighLights
दिल्ली का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर बन रहा।
भजनपुरा में अतिक्रमण से जाम की समस्या।
करोड़ों की लागत का प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहा।
सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। करोड़ों रुपये खर्च करके बनाया जा रहा दिल्ली का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर ने जाम से निजात की उम्मीद ताे जगाई है, लेकिन अतिक्रमण इस उम्मीद को धुंधला कर रहा है।
भजनपुरा में फ्लाईओवर के ठीक आगे मेट्रो स्टेशन और उसके आसपास के बाजार में अतिक्रमण के कारण संकरी सड़क फ्लाईओवर पर खर्च करोड़ों की राशि को बर्बाद कर सकती है। आलम यह है कि निर्माण की बेरिकेडिंग के बावजूद यहां अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा, जिससे रोजाना सैकड़ों लोगों को जाम से जूझना पड़ता है।
गाजियाबाद से भोपुरा के रास्ते वजीराबाद व दिल्ली के अन्य स्थानों तक रोजाना करीब पचास हजार वाहन वजीराबाद रोड से सफर करते हैं। पूरी सड़क पर फ्लाईओवर बनाकर इसे सिग्नल फ्री कर दिया गया है, बस भजनपुरा एकमात्र जाम प्वाइंट बना है।
ऐसे में इसे जाममुक्त करने के लिए गोकलपुरी से भजनपुरा तक बन रहे इस फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है जो अंतिम चरण में है। परियोजना की खासियत यह है कि एक ही ढांचे के ऊपरी हिस्से में मेट्रो दौड़ रही है, जबकि निचले हिस्से में चार व दो पहिया वाहन दौड़ेंगे।
उम्मीद थी कि इस फ्लाईओवर के निर्माण के बाद यमुनापार का सबसे बड़े जाम प्वाइंट से जाम खत्म हो जाएगा लेकिन अब हालात कुछ और इशारा कर रहे हैं। भजनपुरा में जहां यह फ्लाईओवर उतर रहा है उसके तुरंत बाद अतिक्रमण बड़ी बाधा है।
मेट्रो स्टेशन पर बन रहा बाटलनेक, अतिक्रमण से परेशानी
दरअसल, फ्लाईओवर खत्म होते ही सौ मीटर दूरी पर भजनपुरा मेट्रो स्टेशन है, जहां बाटलनेक बनता है। इसके साथ ही यहां ठेली-पटरी वालों के साथ दुकानदारों ने भी सड़क और फुटपाथ के हिस्से पर कब्जा कर रखा है। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और जाम लगता है।
निर्माण कार्य के दौरान भी इस मार्ग पर जाम की स्थिति रहती है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि अतिक्रमण की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन इसे हटाने के लिए नियमित और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती। अतिक्रमण हटाने, फुटपाथ खाली कराने और वाहनों के व्यवस्थित आवागमन की योजना के बाद ही डबल डेकर फ्लाईओवर का लाभ मिल सकेगा।
डीसीपी ट्रैफिक ईस्टर्न रेंज श्वेता चौहान ने बताया कि एमसीडी को कई बार अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र लिखा गया है। कई बार हटाने के बाद दोबारा अतिक्रमण होता है। अवैध पार्किंग करने वालों के चालान काटने के साथ गाड़ियां सीज भी की जाती हैं।
डबल डेकर फ्लाईओवर एक नजर में
- दिल्ली का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर
- लंबाई: करीब 1.40 किलोमीटर
- मार्ग: गोकलपुरी से भजनपुरा मेट्रो स्टेशन तक
- प्रमुख क्षेत्र: करावल नगर, घोंडा और बृजपुरी जंक्शन
- संशोधित लागत: 291 करोड़ रुपये
- लक्ष्य: दिसंबर 2026 तक निर्माण पूरा करना
यह भी पढ़ें- तकनीकी पेंच में फंसा दिल्ली का चंदगीराम अखाड़ा फ्लाईओवर, एक साल बाद भी काम शुरू नहीं
