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पलवल एलिवेटेड फ्लाईओवर मरम्मत: पहले दिन ही शहर में लगा भीषण जाम, यातायात व्यवस्था पर सवाल

Published: Mon, 26 Oct 2026 04:58 PM (IST)

पलवल में एलिवेटेड फ्लाईओवर की मरम्मत शुरू होते ही शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। पहले ही दिन कई ...और पढ़ें

एलिवेटेड फ्लाईओवर की मरम्मत शुरू। जागरण

एलिवेटेड फ्लाईओवर की मरम्मत शुरू। जागरण

जागरण संवाददाता, पलवल। शहर के बीचोंबीच से गुजर रहे करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबे एलिवेटेड फ्लाईओवर की मरम्मत का कार्य शुरू होते ही पलवल की यातायात व्यवस्था की कड़ी परीक्षा शुरू हो गई है।

रविवार देर रात होडल से दिल्ली की ओर जाने वाली फ्लाईओवर की लेन को मरम्मत के लिए बंद कर दिया गया। इसके परिणाम स्वरूप, सोमवार सुबह से ही फ्लाईओवर के नीचे वाहनों का भारी दबाव बढ़ने लगा और शहर के कई प्रमुख चौराहों पर जाम जैसे हालात पैदा हो गए।

आगरा चौक, अलीगढ़ चौक, बस स्टैंड चौक, अलावलपुर चौक और हुड्डा चौक पर वाहन रेंग-रेंगकर चलते नजर आए। प्रशासन के तय शेड्यूल के मुताबिक, यह मरम्मत कार्य छह दिनों तक चलेगा, जिसमें दोनों दिशाओं में तीन-तीन दिनों के लिए यातायात प्रभावित रहेगा।

पहले ही दिन बने इन हालातों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब प्रशासन को जाम लगने की पूरी आशंका थी, तो उससे निपटने के पुख्ता इंतजाम पहले क्यों नहीं किए गए?

सार्वजनिक अवकाश ने बचाई स्थिति

सोमवार को वाल्मीकि जयंती का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण सड़कों पर यातायात का दबाव सामान्य कार्य दिवसों की तुलना में काफी कम रहा। कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और बाजारों की छुट्टी के चलते सड़कों पर स्कूली बसें और वैन नजर नहीं आईं। इसके बावजूद प्रमुख चौराहों पर वाहनों की रफ्तार धीमी बनी रही।

इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि मंगलवार को जब स्कूल, कार्यालय और बाजार दोबारा खुलेंगे, तो स्थिति कितनी चुनौतीपूर्ण हो जाएगी। सामान्य कार्यदिवस पर यातायात को सुचारू रूप से चलाना प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होगा।

ओमेक्स सिटी के निवासियों की बढ़ी मुश्किलें

फ्लाईओवर की होडल से दिल्ली जाने वाली लेन बंद होने का सबसे सीधा असर ओमेक्स सिटी के निवासियों पर पड़ा है। स्थानीय लोगों को अपनी सोसाइटी में आने-जाने के लिए कई बार मजबूरन गलत दिशा से वाहन निकालने पड़ते हैं।

अब जब फ्लाईओवर के नीचे वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ गया है, तो इस मार्ग से गुजरना और भी जोखिम भरा हो गया है। जाम के बीच गलत दिशा से आने-जाने वाले वाहनों के कारण दुर्घटनाओं और टकराव का खतरा काफी बढ़ गया है।

अवैध पार्किंग और सर्विस रोड का अतिक्रमण बना नासूर

मुख्य फ्लाईओवर की एक लेन बंद होने से मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ा, लेकिन राहत देने वाली सर्विस रोड खुद एक बड़ी समस्या बन गई। सर्विस रोड पर खड़े अवैध और बेतरतीब वाहनों ने रास्ते को बेहद संकरा कर दिया है। इस राेड पर जाम की स्थिति बनी रही।

लोगों का कहना है कि जब प्रशासन को मरम्मत कार्य की जानकारी पहले से थी, तो समय रहते सर्विस रोड को खाली क्यों नहीं कराया गया?

नियम तोड़ने वालों ने बढ़ाई ट्रैफिक पुलिस की मुसीबत

जाम से बचने और जल्दबाजी में आगे निकलने की होड़ में कुछ वाहन चालकों ने गलत दिशा (रांग साइड) में वाहन चलाना शुरू कर दिया। इससे सड़कों पर अव्यवस्था और बढ़ गई। नियम तोड़ने वाले ये चालक खुद तो जाम में फंसे ही, साथ ही अन्य लोगों के लिए भी बड़ी मुसीबत बन गए। इन परिस्थितियों के बीच यातायात पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालने में जूझते नजर आए।

प्रशासन की तैयारियां और आगे की रणनीति

यातायात प्रभारी रविकांत ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जाम की विकट स्थिति से निपटने के लिए 90 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। कैंप थाने के पास स्थित अंडरपास तथा बस स्टैंड चौक को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया गया है, जाम की स्थिति को कम किया जा सके।

उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि मंगलवार को स्कूलों और कार्यालयों खुलने पर बढ़ने वाले दबाव को देखते हुए सर्विस रोड से सख्ती से अतिक्रमण हटवाया जाएगा ताकि नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो। साथ ही, उन्होंने शहरवासियों से यातायात पुलिस के निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है ताकि इस असुविधा को कम किया जा सके।