बाजीतपुर में 500 करोड़ के STP का विरोध, महापंचायत में ग्रामीणों ने कहा- मौखिक आश्वासन नहीं, लिखित आदेश चाहिए
बाहरी दिल्ली के बाजीतपुर गांव में 500 करोड़ रुपये के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के विरोध में 36 बिरादरी की ...और पढ़ें

बाजीतपुर स्थित दादा मालदेव मंदिर में आयोजित महापंचायत में जुटे ग्रामीण। जागरण
HighLights
बाजीतपुर गांव में 500 करोड़ के एसटीपी का विरोध।
महापंचायत में ग्रामीणों ने लिखित आदेश की मांग की।
मंत्री रविंदर इंद्राज ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संजय डबास, बाहरी दिल्ली। बवाना विधानसभा क्षेत्र के बाजीतपुर गांव में प्रस्तावित 500 करोड़ रुपये के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को लेकर शनिवार को गांव में 36 बिरादरी की महापंचायत हुई।
इसमें क्षेत्रीय विधायक एवं दिल्ली सरकार में समाज कल्याण मंत्री रविंदर इंद्राज तथा स्थानीय निगम पार्षद बबीता के पति दीपक भी पहुंचे। मामले में जब मंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्हें मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि एसटीपी को रद्द करने का लिखित और आधिकारिक आदेश चाहिए।
महापंचायत में मंत्री रविंदर इंद्राज ने ग्रामीणों को बताया कि गांव वाले चाहेंगे तो एसटीपी बनेगा और नहीं चाहेंगे तो नहीं बनेगा।
लिखित आश्वासन और आधिकारिक आदेश की मांग
उन्होंने क्षेत्र में सीवर की जरूरत भी बताई। वहीं ग्रामीणों ने रोष जताया कि मंत्री ने बातचीत में सरकार का आधिकारिक रुख स्पष्ट नहीं किया, लेकिन गांव के पक्ष में लिखित आदेश जारी कराने का आश्वासन दिया।
इस पर ग्रामीणों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के मौखिक आश्वासन से उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रधान अजीत सिंह, सतपाल, मनीष, संजय, सुनील, ओमकुमार, आशीष ने कहा कि सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
लोकतंत्र में असली ताकत भाषण में नहीं, बल्कि लिखित आदेश में होती है। उन्होंने मुख्य सचिव, मंडलायुक्त और डीडीए आयुक्त से आधिकारिक आदेश जारी कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने गिनवाईं समस्याएं
ग्रामीणों का कहना है कि घनी आबादी के बीच एसटीपी बनने से दुर्गंध और दूषित हवा की समस्या पैदा हो सकती है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
ग्रामीणों ने ग्रामसभा की भूमि का उपयोग स्थानीय लोगों की मांग और जनहित के अनुसार करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि एसटीपी के विरोध में छत्तीस बिरादरी एकजुट है। जब तक प्लान्ट रद्द करने का लिखित आदेश नहीं मिलता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
