जागरण इम्पैक्ट: 4.47 करोड़ से बनी बाजीतपुर-माजरा सड़क, अब ठेकेदार पर एक्शन का इंतजार
दैनिक जागरण की खबर के बाद बाजीतपुर-माजरा सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, जिससे बवाना विधानसभा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिली है।

दैनिक जागरण के प्रभाव से सड़क का निर्माण हुआ पूरा
HighLights
दैनिक जागरण की खबर के बाद सड़क निर्माण पूरा हुआ।
बाजीतपुर-माजरा सड़क बनने से हजारों लोगों को राहत मिली।
ठेकेदार पर देरी के लिए कार्रवाई की स्थिति अस्पष्ट है।
संजय डबास, बाहरी दिल्ली। दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के बाद आखिरकार बाजीतपुर दादा मालदेव से माजरा गांव को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण पूरा हो गया है। बवाना विधानसभा क्षेत्र की इस सड़क के निर्माण में देरी को लेकर ग्रामीण लंबे समय से परेशान थे।
काम अधूरा रहने पर दैनिक जागरण ने चार अगस्त को इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आई और सड़क पर अंतिम बिटुमिनस कंक्रीट की परत बिछाने का काम भी पूरा कर लिया गया। सड़क बनने से क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिली है।
हालांकि, तय समय पर निर्माण पूरा नहीं करने के मामले में ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई हुई है या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अनुमानित लागत 8.45 करोड़ रुपये
स्थानीय निवासी सतपाल ठाकरान ने बताया कि सड़क का निर्माण दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के निर्माण मंडल-8 की ओर से कराया गया। परियोजना की अनुमानित लागत 8.45 करोड़ रुपये थी, जबकि निर्माण का ठेका करीब 45 प्रतिशत कम दर पर 4.47 करोड़ रुपये में दिया गया था।
अनुबंध के अनुसार, सड़क निर्माण पूरा करने की अंतिम तारीख 17 अगस्त 2026 निर्धारित की गई थी। इसके बावजूद तय समय-सीमा तक काम पूरा नहीं हो सका। निर्माण में देरी और अधूरे काम से लोगों को हो रही परेशानी को दैनिक जागरण ने प्रकाशित किया।
खबर के माध्यम ने उठाया जवाबदेही का मुद्दा
खबरों के माध्यम से विभागीय जवाबदेही का मुद्दा उठाया गया। ग्रामीणों ने भी संबंधित विभाग से निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने और समय-सीमा का पालन नहीं करने पर ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की थी। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आई और अब अक्टूबर माह में सड़क पूरी तरह तैयार हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का निर्माण पूरा होने से अब आवागमन पहले से सुगम होगा। संजय ठाकरान और सोनू सहित अन्य ग्रामीणों ने सड़क बनने पर राहत जताई। उनका कहना है कि सड़क का निर्माण पूरा होना क्षेत्र के लोगों के लिए राहत की बात है, लेकिन निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं होने के मामले में विभाग को अपनी कार्रवाई की स्थिति भी स्पष्ट करनी चाहिए।
