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हिरासत में केजरीवाल की अपील ‘सब लोग दिल्ली चलो’, बोले- जहां रोके पुलिस वहीं बना दो जंतर-मंतर

Published: Sat, 10 Oct 2026 08:32 PM (GMT+05:30)

पुलिस ने अरविंद केजरीवाल समेत कई आप नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद केजरीवाल ने लोगों ...और पढ़ें

केजरीवाल को हिरासत में लेती दिल्ली पुलिस।

केजरीवाल को हिरासत में लेती दिल्ली पुलिस।

HighLights

  1. केजरीवाल को वोट चोरी प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया

  2. आप ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई

  3. दिल्ली में पुलिस की कड़ी घेराबंदी, कार्यकर्ताओं को रोका गया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वोट चोरी के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सियासी तनाव बढ़ गया।

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।

पार्टी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल के आवास और राष्ट्रीय कार्यालय के आसपास पुलिस ने कड़ी घेराबंदी की। हिरासत में केजरीवाल ने देशभर के लोगों से दिल्ली पहुंचने और पुलिस जहां रोके, वहीं धरने पर बैठने की अपील की।

‘जहां रोके पुलिस, उसी जगह को जंतर-मंतर बना दो’

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के लोग और युवा अब कथित वोट चोरी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने लोगों से अपने घरों से निकलकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की।

केजरीवाल ने कहा, “सभी लोग देश में जहां भी हैं, अभी अपने घर से निकलिए और दिल्ली की तरफ कूच कीजिए।” उन्होंने कहा कि लोग स्कूटर, बस, ट्रेन, हवाई जहाज या पैदल जैसे भी संभव हो, दिल्ली पहुंचें। अगर पुलिस रास्ते में रोके तो उसी जगह को जंतर-मंतर बनाकर धरने पर बैठ जाएं।

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार वोट चोरी के मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि देश का युवा अब इस तरह की राजनीति से डरने वाला नहीं है और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा।

केजरीवाल के घर के बाहर पुलिस की घेराबंदी

आप के अनुसार, केजरीवाल शनिवार को परिवार के साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे। उनके घर से निकलने से पहले ही पुलिस ने आवास के चारों ओर घेराबंदी कर दी। इसके विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उसके राष्ट्रीय कार्यालय को सील कर दिया और बैरिकेड लगाकर लोगों की आवाजाही रोक दी।

आप नेताओं ने सवाल उठाया कि कार्यकर्ताओं को अपने राष्ट्रीय संयोजक के आवास और पार्टी कार्यालय तक जाने से क्यों रोका जा रहा है।

‘एक व्यक्ति को बचाने के लिए आपातकाल जैसे हालात’

आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली आने वाली ट्रेनों को भी रोका गया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के अधिकार को दबाया जा रहा है।

संजय सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि लोगों की आवाज दबाने से विरोध और बढ़ सकता है।

सौरभ भारद्वाज ने हिरासत को लेकर उठाए सवाल

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल के साथ हाथापाई की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल होने आए युवा अपनी बात सरकार तक शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचाना चाहते हैं।

भारद्वाज ने कहा कि बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती तथा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने से तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने सरकार से लोगों को अपनी बात रखने का अवसर देने की मांग की।

आतिशी का दावा- 45 हजार जवान तैनात

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने दावा किया कि प्रदर्शन के मद्देनजर 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं और 45,000 पुलिस व अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हजारों लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया और इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं।

आतिशी ने सवाल किया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने पर केजरीवाल को हिरासत में क्यों लिया गया। हालांकि, ये आंकड़े और आरोप आप नेताओं की ओर से दिए गए हैं।

राय और झा ने भी सरकार पर साधा निशाना

आप के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने आरोप लगाया कि दिल्ली में आपातकाल जैसे हालात बनाए गए हैं और छात्र-युवाओं को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी विरोध जारी रखेगी।

बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने भी दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि अभिव्यक्ति का अधिकार छीना नहीं जा सकता।

प्रदर्शन के समर्थन में कई संगठनों के आने का दावा

आप नेताओं ने दावा किया कि वामपंथी संगठनों, छात्र संगठनों और अन्य समूहों ने भी प्रदर्शन को समर्थन दिया है। पार्टी के अनुसार, कई कार्यकर्ता सुबह से ही हिरासत में लिए जा रहे थे।

पूरा विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर है। आप इन आरोपों को लेकर प्रदर्शन का समर्थन कर रही है, जबकि पार्टी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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