दिल्ली में देश के सबसे बड़े सीवेज प्लांट समेत 43 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन-शिलान्यास, लाखों लोगों को मिलेगा फायदा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में यमुना पुनर्जीवन और जल आपूर्ति से संबंधित ₹8941.22 करोड़ की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
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ओखला में शुरू हुआ देश का सबसे बड़ा एसटीपी। जागरण
HighLights
ओखला में देश के सबसे बड़े एसटीपी का उद्घाटन।
यमुना पुनर्जीवन और जल आपूर्ति की 43 परियोजनाएं शुरू।
चंद्रावल डब्ल्यूटीपी से 22 लाख लोगों को मिलेगा लाभ।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फेज एक, श्याम नगर में आयोजित कार्यक्रम में यमुना पुनर्जीवन और जल आपूर्ति से संबंधित 8941.22 करोड़ रुपये लागत की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
उन्होंने यमुना की सफाई को लेकर दिल्ली सरकार द्वारा किए जा रहे काम के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जल मंत्री प्रवेश वर्मा की सराहना की। कहा, पूर्व की कांग्रेस व आप सरकार की नाकामी के कारण यमुना बदहाल हो गई।
ओखला में देश का सबसे बड़ा सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) का उद्घटान होने से दक्षिणी और मध्य दिल्ली से निकलने वाले सीवेज को शोधित करने में मदद मिलेगी। 1161 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एसटीपी की क्षमता 124 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) है।
दिल्ली में जल आपूर्ति सुधरेगी
शाह ने चंद्रावल में 298.3 करोड़ की लागत से 477 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता के जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) का भी उद्घाटन किया।
वर्ष 1935 और 1955 में स्थापित पुराने चंद्रावल एक और दो डब्ल्यूटीपी की जगह इस नए डब्ल्यूटीपी के शुरू होने से सदर बाजार, चांदनी चौक, मटिया महल, बल्लीमारान, करोल बाग, पटेल नगर, राजेंद्र नगर और नई दिल्ली सहित अन्य विधानसभा क्षेत्रों के लगभग 22 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
बवाना में 13.48 करोड़ रुपये की लागत से 2 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) का रिसाइकलिंग प्लांट भी शुरू होने से इस क्षेत्र के 67 हजार लोगों को लाभ मिलेगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
- 2827.11 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाओं का लोकार्पण और 6114.11 करोड़ रुपये की 33 का शिलान्यास किया गया।
- रिठाला-I और कोंडली-I, II एवं III के एसटीपी का उन्नयन कार्य पूर्ण हुआ।
- 1041 करोड़ की लागत से 8 एसटीपी का उन्नयन होगा।
- बाहरी दिल्ली में 3113.67 करोड़ की लागत से 29 नए विकेंद्रीकृत सीवेज उपचार संयंत्रों (डीएसटीपी) का शिलान्यास। यमुना में गिरने वाले नजफगढ़ नाले को साफ करने में मदद मिलेगी।
- 1,691 करोड़ की लागत से 1034 किलोमीटर सीवर नेटवर्क बिछाया जाएगा, जिससे करीब 25.82 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
- द्वारका और जनकपुरी में 29.20 करोड़ रुपये की लागत से 3.96 किलोमीटर पुरानी ट्रंक और पेरिफेरल सीवर लाइन बनाया जाएगा।
- गोकलपुर, नरेला रणहौला सहित कई कालोनियों में सीवर लाइन की सुविधा उपलब्ध होगी।
- मुंडका हाल्ट स्टेशन से नजफगढ़ सप्लीमेंट्री ड्रेन तक 225.02 करोड़ की लागत से 4.5 किलोमीटर ड्रेन बनेगा जिससे जलभराव की समस्या दूर होगी।
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