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गायत्री मंत्र के 24 अक्षर शरीर की 24 सदग्रंथियों को करते हैं जाग्रत व पोषित: अमित शाह

Published: Mon, 02 Nov 2026 04:24 AM (IST)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में कहा कि गायत्री मंत्र ...और पढ़ें

गायत्री मंत्र के 24 अक्षर शरीर की 24 सदग्रंथियों को करते हैं जाग्रत व पोषित: अमित शाह

गायत्री मंत्र के 24 अक्षर शरीर की 24 सदग्रंथियों को करते हैं जाग्रत व पोषित: अमित शाह

HighLights

  1. अमित शाह ने गायत्री मंत्र को बताया 24 सदग्रंथियों का जाग्रतकर्ता।

  2. पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के 'हम बदलेंगे, युग बदलेगा' सूत्र पर जोर।

  3. शताब्दी समारोह में 900 से अधिक योग का एशिया बुक रिकॉर्ड बना।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गायत्री मंत्र केवल धार्मिक श्लोक मात्र नहीं है, बल्कि इसके 24 अक्षर शरीर की 24 सदग्रंथियों को जाग्रत व पोषित करते हैं।

युगदृष्टा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने करीब 15 करोड़ परिवारों को गायत्री मंत्र से जोड़कर उसे मानवता के कल्याण का माध्यम बनाने का जो विराट अभियान चलाया, वह भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की दिग्विजय का शंखनाद है।

भक्तों को संबोधित कर रहे थे अमित शाह

गृह मंत्री शाह अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित शताब्दी समारोह में देश-विदेश से जुटे 20 हजार से अधिक भक्तों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने संबोधन की शुरुआत देवभूमि उत्तराखंड की पावन भूमि की ओर को नमन करते हुए कहा कि यह सप्तऋषियों की तपस्या और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है, जहां युगदृष्टा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा जी ने गायत्री ऊर्जा को जागृत किया।

उन्होंने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण सूत्र 'हम बदलेंगे, युग बदलेगा' को रेखांकित किया। उन्होंने समझाया कि जब तक व्यक्ति खुद नहीं बदलता, तब तक समाज व राष्ट्र में बदलाव नहीं आ सकता। हर व्यक्ति के भीतर अच्छे गुणों का विकास ही युग परिवर्तन की कुंजी है।

..समाज सुधार की रखी गई नींव

गृह मंत्री ने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा ने समाज में फैली रूढ़ियों और जात-पातों की बेड़ियों को तोड़ा और महिलाओं व हर वर्ग को गायत्री मंत्र की उपासना का अधिकार दिलाया। दहेज मुक्त विवाह, व्यसन मुक्ति अभियान और वृक्षारोपण जैसे रचनात्मक कार्यों के जरिये समाज सुधार की नींव रखी।

उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि मंत्रों में समाहित सकारात्मक ऊर्जा को आत्मसात कर मनुष्य के भीतर विद्यमान सत् तत्व और श्रेष्ठ संभावनाओं को शत-प्रतिशत अभिव्यक्त करने का एक सशक्त राजमार्ग है।

दूसरे दिन, एक साथ 900 से अधिक लोगों के योग का एशिया बुक ऑफ व इंडिया बुक रिकार्ड बना। एलजी ने युवाओं से किया निस्वार्थ सेवा को अपनाने का आह्वान दिल्ली के उपराज्यपाल तेजिंदर सिंह संधू भी वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्म शताब्दी और पवित्र 'अखंड दीपक' के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह में सम्मिलित हुए।

निस्वार्थ सेवा के साथ काम करें युवा

उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे निस्वार्थ सेवा, करुणा व सामाजिक प्रगति के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं।वसुधैव कुटुंबकम का संदेश गूंजा हजारों दीपों की जगमगाहट, आध्यात्मिक चेतना और सामूहिक संकल्प के बीच समारोह से वसुधैव कुटुंबकम् - वन वर्ल्ड, वन फैमिली’ का संदेश गूंजा।

जन्मशताब्दी समारोह के दलनायक व देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डा. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह समय राष्ट्र के जागरण का है। अपनी संकीर्णताओं से ऊपर उठकर व्यापक दृष्टि से सोचने और समाज के लिए कार्य करने का यह अलभ्य अवसर है। जब भारत जागेगा, तभी विश्व जागेगा।

इससे पूर्व समारोह के विभिन्न सत्रों में केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री डा. वीरेन्द्र कुमार, केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, डॉ चन्द्रशेखर पेम्मासानी, चर्च आफ इंग्लैंड के एंग्लिकन बिशप राइट रेवरेंड लूसा, ब्रिटेन के हाउस ऑफ लार्ड्स के सदस्य लार्ड रसेल रुक व लार्ड क्रिश रावल, विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार समेत अन्य विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की।

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