अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए डिजियात्रा, चेहरे की पहचान से अब आसान होगा हवाई सफर
आइजीआई एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए डिजियात्रा सुविधा का ट्रायल शुरू हो गया है, जिससे यात्री चेहरे की पहचान के माध्यम से चेक प्वाइंट्स पार कर सकेंगे।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए डिजियात्रा ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
आइजीआई पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए डिजियात्रा शुरू।
चेहरे की पहचान से चेक प्वाइंट्स पर मिलेगी सुविधा।
ई-पासपोर्ट धारक भारतीय यात्रियों को मिलेगा लाभ।
कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। आइजीआई एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से संबंधित यात्रियों के लिए डिजियात्रा सुविधा का ट्रॉयल शुरू हो गया है। इसके जरिये यात्री चेहरे की पहचान के माध्यम से एयरपोर्ट के निर्धारित चेक प्वाइंट से गुजर सकेंगे।
हालांकि, फिलहाल यह सुविधा विदेशी यात्रियों के लिए नहीं है। पहले चरण में ई-पासपोर्ट रखने वाले भारतीय नागरिकों को इसका लाभ मिलेगा। यह सुविधा एअर इंडिया और इंडिगो की चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर उपलब्ध होगी।
देश के सात एयरपोर्ट पर शुरू होगा ट्रॉयल
नई सुविधा के साथ ही भारत घरेलू उड़ानों के बाद अब अंतरराष्ट्रीय विमानन व्यवस्था को भी डिजिटल पहचान और फेस रिकग्निशन तकनीक से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। एक नवंबर से दिल्ली समेत देश के सात प्रमुख एयरपोर्ट पर इस व्यवस्था का ट्रॉयल शुरू किया गया है।
इनमें मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोच्चि, चेन्नई और अमृतसर शामिल हैं। ट्रॉयल दिसंबर तक चलेगा। डिजियात्रा का इस्तेमाल अब तक मुख्य रूप से घरेलू हवाई यात्रा में किया जा रहा था।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, इस प्लेटफार्म के जरिये देश के 39 घरेलू हवाई अड्डों पर 11 करोड़ से अधिक यात्राएं संभव हुई हैं।
सभी की पहचान की जाएगी सुनिश्चित
सरकार की योजना वर्ष 2027 तक 25 अन्य घरेलू हवाई अड्डों पर भी इस सुविधा का विस्तार करने की है।बाक्सऐसे काम करेगी डिजियात्रा इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए यात्रियों को डिजियात्रा एप पर अपना डिजिटल वेरिफाएबल क्रेडेंशियल तैयार करना होगा।
इसके लिए ई-पासपोर्ट का स्कैन, पासपोर्ट की इलेक्ट्रॉनिक चिप का सत्यापन और सेल्फी के जरिये चेहरे की पहचान की जाएगी।
सत्यापन पूरा होने के बाद डिजिटल क्रेडेंशियल यात्री के मोबाइल वालेट में सुरक्षित रहेगा। एयरपोर्ट पर टर्मिनल एंट्री, सिक्योरिटी होल्ड एरिया और बोर्डिंग गेट पर कैमरे के जरिये चेहरे की पहचान कर यात्री की डिजिटल पहचान सत्यापित की जा सकेगी।